देशभर में 03 मई 2026 को आयोजित की गई नीट यूजी परीक्षा को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने 13 मई 2026 को रद्द कर दिया था। एनटीए की ओर से इस परीक्षा को पेपर लीक के चलते रद्द किया गया। साथ ही एजेंसी ने यह फैसला लिया कि यह एग्जाम दोबारा आयोजित किया जाएगा। अब 22 लाख से अधिक कैंडिडेट्स रीएग्जाम की डेट का इंतजार कर रहे हैं। यह डेट कब जारी होगी इसको लेकर कोई ऑफिशियल अपडेट तो नहीं है, लेकिन जिस दिन परीक्षा रद्द की गई थी उसी दिन एनटीए के डीजी अभिषेक सिंह ने कहा था कि रीएग्जाम की डेट अगले 7-10 दिन के भीतर जारी कर दी जाएगी।

कब हो सकता है नीट यूजी रीएग्जाम?

इस हिसाब से एजेंसी की ओर से 20 मई के बाद नीट यूजी रीएग्जाम का शेड्यूल जारी किए जाने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह परीक्षा दोबारा से जून के आखिर में या फिर जुलाई के शुरुआत में आयोजित की जा सकती है। नीट यूजी परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को रीएग्जाम के लिए दोबारा से रजिस्ट्रेशन करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही कैंडिडेट्स से री-एग्जाम की कोई एक्स्ट्रा फीस भी नहीं ली जाएगी और ना ही उम्मीदवारों का सेंटर बदला जाएगा।

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सीबीआई को सौंपी गई पेपर लीक की जांच

2016 से शुरू हुई नीट परीक्षा हर साल मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाती है। हर साल इस परीक्षा में करीब 20 लाख से अधिक उम्मीदवार ही उपस्थित होते हैं। साल 2024 में भी यह परीक्षा पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स देने में अनियमितताओं के चलते विवादों में रही थी जिसके बाद हजारों अभ्यर्थियों को असामान्य रूप से अधिक नंबर मिलने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे। इस बार पेपर लीक के चलते इस परीक्षा को रद्द किया गया और सीबीआई को इसकी जांच सौंप दी गई।

नीट यूजी पेपर कैसे हुआ लीक?

नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने अभी तक की जो जांच पूरी की है उसमें यही सामने आया है कि महाराष्ट्र के नासिक में ‘गेस पेपर’ की छपाई हुई थी। इस गेस पेपर के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी प्रश्न एकदम परीक्षा वाले दिन क्वेश्चन पेपर से मैच कर गए थे। नीट पेपर लीक की जांच एक WhatsApp मैसेज से शुरू हुई जिसे कई बार फॉरवर्ड किया गया था। जांच कर रहे अधिकारियों को यह मैसेज एक कथित “गेस पेपर” की जांच के दौरान मिला। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक छोटा मामला है, लेकिन बाद में पता चला कि यह मैसेज बड़े स्तर पर कई लोगों को फॉरवर्ड किया गया था। इस मैसेज में गेस पेपर को शेयर किया गया था।