देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर सामने आया पेपर लीक मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब इस पूरे मामले में राजस्थान के सीकर के एक शिक्षक की भूमिका सबसे अहम कड़ी बनकर सामने आई है। इसी शिक्षक की शिकायत के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया और बाद में जांच राजस्थान SOG तथा CBI तक पहुंच गई।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
4 मई की रात करीब 1:30 बजे, नीट यूजी 2026 परीक्षा खत्म होने के कुछ घंटे बाद सीकर के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के शिक्षक राजस्थान के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचे। उनके हाथ में कुछ पन्ने थे, जिनमें उन्हें परीक्षा में गड़बड़ी का शक था।
उद्योग नगर थाना SHO राजेश कुमार के अनुसार, शिक्षक ने दावा किया कि उसके पास ऐसा पेपर है जिसमें वही सवाल मौजूद हैं जो नीट परीक्षा में पूछे गए थे।
हालांकि पुलिस का कहना है कि शिक्षक को लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया, लेकिन वह बिना शिकायत दिए वहां से लौट गए।
शिक्षक तक कैसे पहुंचा ‘Guess Paper’?
जानकारी के अनुसार, शिक्षक को यह हस्तलिखित ‘गेस पेपर’ उनके मकान मालिक ने दिया था। मकान मालिक को यह पेपर उनके बेटे से मिला था, जो केरल में रहता है।
जब शिक्षक ने पेपर का मिलान असली नीट प्रश्नपत्र से किया, तो वह चौंक गए। कथित ‘गेस पेपर’ में वही सवाल मौजूद थे जो असली परीक्षा में पूछे गए थे।
सूत्रों के मुताबिक, यह PDF लगभग 60 पेज की थी, जिसमें: केमिस्ट्री के करीब 90 प्रश्न, बायोलॉजी के कई पेज हस्तलिखित प्रश्न और उत्तर शामिल थे।
पहले पत्रकारों से संपर्क किया, फिर NTA को शिकायत भेजी
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक पहले कुछ पत्रकारों के पास भी गए लेकिन शुरुआती दौर में किसी ने इस दावे को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद अपने कोचिंग संस्थान के मालिक के समर्थन से शिक्षक ने आखिरकार 7 मई की रात करीब 9:30 बजे NTA को आधिकारिक शिकायत भेजी।
शिकायत में उन्होंने लिखा:
“मैं अपना मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए देने को तैयार हूं। यह मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि मामला अवैध तरीके से प्रश्नपत्र तक पहुंच, उसका प्रसार और ट्रांसमिशन से जुड़ा प्रतीत होता है।
शिक्षक को जांच में मिली क्लीन चिट
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में शिक्षक को किसी भी तरह की गड़बड़ी से मुक्त पाया गया। जांच एजेंसियों ने माना कि शिक्षक को यह दस्तावेज परीक्षा खत्म होने के बाद मिला था।
इसके बाद NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को सतर्क किया और मामला राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) तक पहुंचा। बाद में इस केस की जांच CBI को सौंप दी गई।
व्हाट्सएप फॉरवर्ड बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला एक व्हाट्सएप मैसेज से खुला, जिसे “forwarded many times” के रूप में शेयर किया गया था। यही डिजिटल ट्रेल अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सबूतों में शामिल है।
अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि, पेपर सबसे पहले किसके पास पहुंचा, पीडीएफ किसने तैयार की, इसे किन-किन राज्यों में भेजा गया और परीक्षा से पहले कितने लोगों तक यह पहुंच चुका था।
एनटीए और जांच एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती
यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि,
क्या यह संगठित रैकेट था?
क्या कोचिंग नेटवर्क जुड़े थे?
क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुआ था?
कितने अभ्यर्थियों को फायदा मिला?
NEET UG 2026 Paper Leak Timeline
3 मई 2026- NEET परीक्षा आयोजित हुई।
3 मई शाम- शिक्षक को मकान मालिक के जरिए कथित ‘Guess Paper’ मिला।
4 मई रात 1:30 बजे- शिक्षक सीकर के उद्योग नगर थाने पहुंचे।
4–7 मई- शिक्षक ने पत्रकारों और अन्य लोगों से संपर्क किया।
7 मई रात- NTA को आधिकारिक शिकायत भेजी गई।
बाद में, NTA ने केंद्रीय एजेंसियों को अलर्ट किया, जांच SOG और फिर CBI तक पहुंची।
