नीट यूजी 2026 को पेपर लीक होने के चलते रद्द कर दिया गया है। एनटीए ने मंगलवार को परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। साथ ही एनटीए ने बताया कि यह परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। एनटीए की ओर से रीएग्जाम की तारीख का जल्द ही ऐलान किया जाएगा। इस बीच राजस्थान से भी एक संदिग्ध लीक का खुलासा हुआ है। नीट पेपर लीक की जांच एक WhatsApp मैसेज से शुरू हुई जिसे कई बार फॉरवर्ड किया गया था। जांच कर रहे अधिकारियों को यह मैसेज एक कथित “गेस पेपर” की जांच के दौरान मिला। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक छोटा मामला है, लेकिन बाद में पता चला कि यह मैसेज बड़े स्तर पर कई लोगों को फॉरवर्ड किया गया था।
NEET UG Cancelled LIVE Updates
सीकर के राकेश मंडावरिया ने शेयर किया था पेपर!
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने नीट पेपर लीक मामले की जांच सबसे पहले शुरू की थी। अब तक की जांच में पता चला है कि ‘गेस पेपर’ कथित तौर पर सीकर के रहने वाले राकेश मंडावरिया ने शेयर किया था, जो देहरादून में था। शुरुआती जांच में पता चला है कि ‘गेस पेपर’ देहरादून से राजस्थान के चुरू के एक MBBS स्टूडेंट के साथ शेयर किया गया था, जो केरल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। केरल में पढ़ने वाले इस स्टूडेंट ने कथित तौर पर इस ‘गेस पेपर’ को 1 मई के आसपास राजस्थान के सीकर में अपने दोस्त के साथ शेयर किया था।
गेस पेपर की प्रिंट कॉपी भी हो सकती है वायरल!
इसके बाद यह मैसेज एक पीजी (पेइंग गेस्ट) मालिक के पास शेयर किया गया जिसने कई स्टूडेंट्स को इसे फॉरवर्ड कर दिया। फिर उन छात्रों ने इस गेस पेपर को दूसरे छात्रों और करियर काउंसलर्स के साथ शेयर कर दिया। इस हिसाब से यह पेपर लीक हुआ। जांच करने वाले अधिकारियों को लग रहा है कि इस ‘गेस पेपर’ की प्रिंट कॉपी भी निकाली गई होगी जिसे अलग से लीक किया गया होगा जिससे ये पता लगाना काफी मुश्किल हो गया है कि आखिर ये पेपल लीक होने की शुरुआत कहां से हुई।
लीक की पहली कड़ी जांचने में लगे अधिकारी
सीकर में जिस पीजी मालिक ने इस गेस पेपर को वायरल किया था वह इस जांच के दायरे में है और हो सकता है कि लीक को बड़े पैमाने पर फैलने को लेकर उसकी गिरफ्तारी भी हो जाए। हालांकि उसी ने इस लीक की शिकायत भी की थी। हालांकि, जयपुर में पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि लीक का सही रास्ता या ‘गेस पेपर’ कहां से आया? जैसी कई बातें अभी पुख्ता तौर पर पता नहीं चल पाई हैं। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, SOG के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस, विशाल बंसल ने पहले कहा था कि ‘गेस पेपर’ में 400 से ज़्यादा सवाल थे जिनमें से करीब 120 असली परीक्षा में आए थे।
