नीट यूजी 2026 परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसमें ओएमआर शीट डिस्प्ले और चैलेंज विंडो बंद होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने AI से तैयार या छेड़छाड़ की गई OMR शीट जमा करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, कई उम्मीदवारों ने ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी और उत्तरों के मिसमैच की शिकायत भी दर्ज कराई है।

OMR विवाद में NTA का बड़ा बयान

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा है कि, ओएमआर डिस्प्ले विंडो के दौरान प्राप्त शिकायतों की जांच में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें जमा की गई ओएमआर शीट फर्जी या एआई की मदद से तैयार की गई थी। एजेंसी के अनुसार, दो चर्चित मामलों की जांच में एक ओएमआर शीट पूरी तरह एआई-जनरेटेड पाई गई, जबकि दूसरी के साथ छेड़छाड़ की गई थी।

एजेंसी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्यापन के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही प्रस्तुत करें। यदि कोई व्यक्ति फर्जी या एआई-जनरेटेड दस्तावेज जमा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

13 से 15 जुलाई तक खुली थी चैलेंज विंडो

नीट यूजी 2026 के तहत OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स देखने एवं चुनौती देने की सुविधा 13 जुलाई से 15 जुलाई (सुबह 11 बजे तक) उपलब्ध कराई गई थी। इस दौरान उम्मीदवार अपनी स्कैन की गई OMR शीट डाउनलोड कर सकते थे और यदि किसी प्रकार की त्रुटि दिखाई देती थी तो निर्धारित शुल्क देकर आपत्ति दर्ज करा सकते थे।

चेतावनी के बावजूद सामने आ रही नई शिकायतें

हालांकि एनटीए ने फर्जी ओएमआर मामलों का खुलासा किया है लेकिन कई अभ्यर्थी अभी भी ओएमआर शीट में कथित गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। एक उम्मीदवार इब्तेशाम नसर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया कि पोर्टल पर उपलब्ध ओएमआर शीट में कई ऐसे उत्तर भरे हुए दिखाए गए, जिन्हें परीक्षा के दौरान जानबूझकर खाली छोड़ा गया था। उम्मीदवार के अनुसार, कुल 12 प्रश्नों में ऐसा अंतर दिखाई दिया।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रश्नपत्र पर दर्ज अपने उत्तरों से तुलना करने पर बड़ी संख्या में उत्तर मेल नहीं खा रहे थे। उम्मीदवार ने लगभग सभी विवादित प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई और प्रति प्रश्न 200 रुपये के हिसाब से कुल 27,800 रुपये चैलेंज फीस जमा की। साथ ही मूल OMR शीट का सत्यापन कराने और संभावित OMR अदला-बदली की जांच की मांग की।

उत्तर प्रदेश से भी आई शिकायत

उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थी अवनीश श्रीवास्तव के परिवार ने भी ओएमआर शीट को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उम्मीदवार के पिता का आरोप है कि ईमेल के माध्यम से प्राप्त OMR शीट पर किसी दूसरे अभ्यर्थी अजीत सिंह का नाम दर्ज था। परिवार का कहना है कि मामले की शिकायत एनटीए को भेजी गई है और एजेंसी ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए जांच का आश्वासन दिया है।

इन शिकायतों पर अभी अंतिम फैसला नहीं

एनटीए ने जिन दो मामलों में एआई-जनरेटेड और छेड़छाड़ वाली ओएमआर शीट मिलने की पुष्टि की है, वे अलग मामले हैं। वहीं, हाल में सामने आई ओएमआर मिसमैच से जुड़ी शिकायतों पर एजेंसी की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है।

अब आगे क्या होगा?

ओएमआर चैलेंज विंडो बंद होने के बाद अब एनटीए सभी प्राप्त शिकायतों की जांच कर रही है। जिन उम्मीदवारों ने ओएमआर मिसमैच या अन्य तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत की है, वे एजेंसी की जांच रिपोर्ट और आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं।