देशभर में 03 मई को आयोजित की गई नीट की परीक्षा रद्द हो जाने के बाद स्टूडेंट किन तकलीफों से गुजर रहे हैं इसकी एक कहानी मणिपुर से सामने आई है। जी हां, मणिपुर राज्य साल 2023 में उस वक्त चर्चाओं में रहा था जब यहां मैतेई और कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी। इस हिंसा के 3 साल बीत जाने के बाद भी वहां हालात सामान्य नहीं हैं। इन हालात के बीच मणिपुर के तीन शहरों में नीट री एग्जाम का सेंटर पड़ा है। एक राजधानी इंफाल में, जो राज्य की मैतेई-बहुल घाटी में है, दूसरा चुराचांदपुर में जो कुकी-जो-बहुल इलाका है और तीसरा चंदेल में जहां मिली-जुली आदिवासी आबादी है। एक सेंटर पड़ोसी राज्य गुवाहाटी में भी पड़ा है।

NEET RE Exam 2026: नागपुर के एक स्टूडेंट को अबू धाबी मिला सेंटर, NTA ने मानी गलती; पिता बोले- बेटा सदमे में आ गया

सिक्योरिटी कॉन्वॉय के साथ चुराचांदपुर पहुंचा ग्रुप

मणिपुर में अब तीन तरफा लड़ाई हो गई है। मैतई और कुकी-जो कम्युनिटीज के बीच विवाद पुराना है जबकि अब नया विवाद कुकी जो और नागा कम्युनिटी के बीच की लड़ाई का है। इन हालात के बीच नीट री एग्जाम के लिए एक-दूसरे के इलाके में सेंटर पड़ने से हालात काफी खतरनाक हो गए हैं। एक 19 साल की लड़की ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया है कि उसने 20 स्टूडेंट के एक ग्रुप के साथ नीट री एग्जाम के लिए कांगपोकपी से चुराचांदपुर का सफर सिक्योरिटी कॉन्वॉय के साथ पूरा किया है। यह सफर करीब 100 किलोमीटर का है। इन सभी स्टूडेंट का सेंटर चुराचांदपुर में पड़ा है।

’03 मई की परीक्षा के लिए कोहिमा गए थे’

इस छात्रा ने बताया कि कांगपोकपी से चुराचांदपुर जाने का रास्ता बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं था, किसी भी रास्ते से जाने के लिए या तो मैतेई या नागा-बहुल इलाकों से गुजरना पड़ता है और इसीलिए हम 20 स्टूडेंट का ग्रुप मंगलवार (16 जून 2026) रात को एक सिक्योरिटी कॉन्वॉय के साथ घाटी से होते हुए चुराचांदपुर पहुंचा। छात्रा ने बताया कि 2023 की हिंसा के बाद वह पहली बार इंफाल घाटी में दाखिल हुई। इस दौरान छात्रा ने 03 मई को आयोजित नीट परीक्षा के दौरान पड़ने वाले सेंटर का भी जिक्र किया। छात्रा ने बताया कि 03 मई के पेपर के लिए भी वह कांगपोकपी में अपने घर से सड़क के रास्ते, सेनापति जिले से नेशनल हाईवे-2 से, नागालैंड के कोहिमा में एग्जाम सेंटर तक गई थी।

NEET-UG के री-एग्जाम से पहले देशभर में एनटीए की मॉक ड्रिल, 551 शहरों में बनाए गए सेंटर

रात के अंधेरे में निकले थे सभी स्टूडेंट्स

छात्रा ने बताया कि अब नीट री एग्जाम जो कि 21 जून को आयोजित होना है उसके लिए कई दिन पहले ही हम 20 स्टूडेंट के ग्रुप को रात के अंधेरे में सिक्योरिटी के साथ अपने एग्जाम सेंटर तक का सफर करना पड़ा है। छात्रा का कहना है, “यह सच में डरावना था क्योंकि ऐसा लग रहा था कि कुछ भी हो सकता है। जब हम निकले तो अंधेरा था और हम सिक्योरिटी फोर्स से घिरे हुए थे। लेकिन हम देर रात सुरक्षित पहुंच गए और मैं एग्जाम तक यहां अपनी आंटी के घर पर रह रही हूं।”

‘पिछले एक महीने में काफी कुछ झेला है’

एक बार एग्जाम रद्द होने के बाद दोबारा पेपर देने के एक्सपीरियंस को लेकर छात्रा ने कहा कि पिछले एक महीने के अंदर मैं इमोशनली और फिजिकली बहुत थक चुकी हूं। जब एनटीए ने पेपर को रद्द करने का ऐलान किया था तो मैं काफी टूट गई थी और पिछले एक महीने के अंदर मैंने खुद को संभालने की कोशिश की है। छात्रा ने कहा कि मुझे लगता है कि इतना कुछ झेलने के बाद मैं अभी हार नहीं मान सकती। इसलिए मैं और मेरे दोस्त एक-दूसरे की हिम्मत बढ़ा रहे हैं और इसी हिम्मत के साथ हम 21 जून को री एग्जाम में शामिल होंगे।

प्रशासन की तरफ से मिल रही स्टूडेंट्स को मदद

नीट री एग्जाम के लिए चुराचांदपुर पहुंचे इस स्टूडेंट ग्रुप के लिए कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन कांगपोकपी ने सेंटर तक जाने के लिए सारी व्यवस्थाएं कराई थी। इस ऑर्गनाइजेशन के वाइस-प्रेसिडेंट थांगटिनलेन हाओकिप का कहना है कि डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन, पुलिस, सिक्योरिटी फोर्स की मदद से कैंडिडेट्स के लिए यह ट्रांसपोर्टेशन अरेंज किया गया था। उन्होंने कहा कि कांगपोकपी से स्टूडेंट्स के एक और बैच को भी इसी तरह इम्फाल के एयरपोर्ट तक एस्कॉर्ट किया गया, ताकि वे आगे अपने सेंटर्स तक जा सकें।

राज्य में तनाव के हालात को देखते हुए कांगपोकपी, कामजोंग, नोनी, तामेंगलोंग, टेंग्नौपाल और सेनापति जैसे अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने कैंडिडेट्स और उनके गार्जियन्स के एग्जाम के लिए ट्रैवल करने के लिए ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स का अनाउंसमेंट किया है।

एनटीए के डेटा के मुताबिक, 03 मई को आयोजित हुई नीट यूजी परीक्षा में 9,285 स्टूडेंट्स ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। री एग्जाम में बैठने वाले स्टूडेंट्स की संख्या एनटीए की ओर से बाद में जारी की जाएगी।