राजस्थान के अजमेर में नीट री एग्जाम के लिए सेंटर पर पहुंची एक छात्रा को स्कूल प्रशासन ने उसके बुर्के की वजह से एंट्री देने से मना कर दिया। इसको लेकर काफी देर तक सेंटर पर विवाद रहा। छात्रा ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसे ये कहा गया कि जब तक आप बुर्का (दुपट्टा जो सिर को कवर कर रहा था) नहीं निकाल देंगी तब स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी। छात्रा का कहना था कि जब एनटीए हमें यह परमिशन देता है कि हम एग्जाम सेंटर पर अपनी धार्मिक और पारंपरिक वेशभूषा पहनकर आ सकते हैं तो फिर स्कूल प्रशासन हमें कैसे रोक सकता है?

NEET UG Re-Exam 2026 LIVE Updates

’03 मई की परीक्षा इसी बुर्के में दी थी’

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, कुलसुम बानो नाम की इस छात्रा ने बताया कि वह ब्यावर से NEET एग्जाम देने आई है और उन्होंने जब 03 मई को भी परीक्षा दी थी तो इसी बुर्के के साथ ही दी थी। कुलसुम बानो ने कहा,”इस सेंटर पर मुझे अंदर जाने से रोका गया, इन्होंने पहले कहा कि मुझे अंदर जाने के लिए दुपट्टा हटाना होगा। फिर उन्होंने जोर दिया कि मुझे बुर्का भी हटाना होगा। अगर NTA ने हमें इजाजत दी है तो फिर ये लोग हमें कैसे रोक सकते हैं”

नागपुर के ही एग्जाम सेंटर पर पेपर देना पहुंचा वह छात्र जिसे अबू धाबी मिला था सेंटर, पिता ने NTA के आरोपों का दिया जवाब

‘मेरी बेटी बिना बुर्के के एग्जाम देने नहीं जाएगी’

छात्रा ने इस दौरान साफ लहजे में कहा कि अगर मुझे एग्जाम देना है और वे मुझे इस कपड़े में नहीं आने देते हैं तो मैं पेपर नहीं दूंगी। बानो ने कहा कि यह शर्म की बात है कि वे 18 साल की लड़कियों के साथ इस तरह खिलवाड़ कर रहे हैं। मेरे लिए एग्जाम से ज्यादा मेरा बुर्का और मेरी पहचान मायने रखती है। इस दौरान छात्रा के पिता ने भी एनटीए के नियम का हवाला देते हुए यह कहा कि मेरी बेटी बिना बुर्के के एग्जाम देने नहीं जाएगी। वह तीन साल से इसकी तैयारी कर रही है। मेरी बेटी ने 3 मई को एग्जाम दिया था तो इसी बुर्के के साथ दिया था।

सीनियर अधिकारियों के दखल के बाद छात्रा को मिला प्रवेश

बुर्का को लेकर सेंटर पर काफी देर तक चले विवाद के बाद आखिरकार स्कूल प्रशासन ने इस छात्रा को प्रवेश दे दिया। इस पूरे मामले पर सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने कहा है कि बुर्के को लेकर जो मामला था उसे सुलझा लिया गया है। स्कूल प्रशासन को नियमों को लेकर थोड़ी स्पष्टता की कमी थी, जिसे बाद में सीनियर अधिकारियों ने साफ कर दिया और मामला सुलझ गया। सेंटर पर अब कोई विवाद कोई झगड़ा नहीं है। सभी बच्चें सेंटर के अंदर जा चुके हैं।

क्या कहता है एनटीए का नियम?

बता दें कि एनटीए का नियम भी सेंटर पर छात्रों को धार्मिक या पारंपरिक (बुर्का, हिजाब, नकाब, पगड़ी) पोशाक पहनकर आने की अनुमति देता है। हालांकि ऐसे उम्मीदवारों को जांच में थोड़ा विशेष सहयोग देना होता है और समय से पहले सेंटर पर पहुंचना होता है ताकि सुरक्षा जांच ठीक से की जा सके।