नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने बुधवार (01 जुलाई 2026) को नीट पीजी 2026 की विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी। इस अधिसूचना के जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत भी हो गई है। नीट पीजी 2026 के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 21 जुलाई 2026 तक चलेगा। नीट पीजी की अधिसूचना में बोर्ड ने पात्रता मानदंड, शुल्क संरचना, परीक्षा की तारीख, एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख और रिजल्ट की संभावित तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां बताई हैं। यह सभी कंप्लीट विवरण आपको इस आर्टिकल में भी मिलेगा।
एप्लीकेशन प्रोसेस कब से कब तक?
नीट पीजी (NEET PG 2026) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत 01 जुलाई 2026 से हो गई है। एप्लीकेशन प्रोसेस 21 जुलाई 2026 रात 11:55 बजे तक चलेगा। इस समय अवधि के दौरान इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in पर विजिट करें। बता दें कि यह एंट्रेंस एग्जाम MD, MS, PG डिप्लोमा, पोस्ट MBBS DNB, डायरेक्ट 6-ईयर DrNB और NBEMS डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए होता है।
नीट पीजी 2026 के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
नीट पीजी एग्जाम 2026 के लिए वहीं कैंडिडेट आवेदन कर सकते हैं जिनके पास NMC एक्ट, 2019 के तहत मान्यता प्राप्त MBBS डिग्री या प्रोविजनल MBBS पास सर्टिफिकेट होगा।
उम्मीदवारों के पास नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) पहले की मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI), या स्टेट मेडिकल काउंसिल द्वारा जारी किया गया परमानेंट या प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी होना चाहिए।
इसके अलावा कैंडिडेट्स ने अपनी एक साल की जरूरी इंटर्नशिप भी पूरी कर ली हो या इसे 30 सितंबर 2026 को या उससे पहले पूरा करना होगा।
NEET PG 2026: महत्वपूर्ण तारीखें
| इवेंट | तिथि |
| ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू | 1 जुलाई 2026 (शाम 5:00 बजे से) |
| आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि | 21 जुलाई 2026 (रात 11:55 बजे तक) |
| एप्लीकेशन फॉर्म में संशोधन (करेक्शन विंडो) | 25 जुलाई से 28 जुलाई 2026 |
| फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान में संशोधन (Selective Edit Window) | 31 जुलाई से 10 अगस्त 2026 |
| परीक्षा शहर (Test City) की सूचना | 11 अगस्त 2026 |
| एडमिट कार्ड जारी | 27 अगस्त 2026 |
| NEET PG 2026 परीक्षा | 30 अगस्त 2026 |
| परिणाम घोषित होने की संभावित तिथि | 30 सितंबर 2026 तक |
| इंटर्नशिप पूरी करने की अंतिम (कट-ऑफ) तिथि | 30 सितंबर 2026 |
नीट पीजी 2026: आवेदन शुल्क की जानकारी
| कैटेगिरी | आवेदन शुल्क |
| सामान्य (General), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | 3,500 रुपए |
| अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं दिव्यांग (PwD) | 2,500 रुपए |
नीट पीजी 2026: एग्जाम पैटर्न
| विवरण | जानकारी |
| परीक्षा का माध्यम | कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer-Based Test – CBT) |
| परीक्षा तिथि | 30 अगस्त 2026 |
| परीक्षा शिफ्ट | एकल शिफ्ट (Single Shift) |
| प्रश्नों का प्रकार | बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) |
| कुल प्रश्न | 180 प्रश्न |
| परीक्षा की भाषा | केवल अंग्रेजी |
| परीक्षा अवधि | 3 घंटे 30 मिनट (210 मिनट) |
| पाठ्यक्रम (Syllabus) | राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा निर्धारित MBBS पाठ्यक्रम |
| सही उत्तर पर अंक | +4 मार्क्स |
| गलत उत्तर पर अंक | -1 अंक (नेगेटिव मार्किंग) |
| बिना उत्तर वाले प्रश्न | 0 अंक |
| परीक्षा के सेक्शन | ग्रुप A, B, C, D और E |
| प्रत्येक सेक्शन में प्रश्न | 36 प्रश्न |
| प्रत्येक सेक्शन के लिए समय | 42 मिनट |
इस साल नीट पीजी एग्जाम के लिए क्या हुए हैं बदलाव
- NBEMS ने NEET PG 2026 के लिए एक नया टेस्ट सिटी अलॉटमेंट प्रोसेस शुरू किया है। बोर्ड ने पिछले साल तक टेस्ट सिटी पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चलने वाले नियम को हटा दिया। उस नियम के तहत उम्मीदवारों को जल्दी एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना होता था, लेकिन अब यह समस्या नहीं रहेगी।
2. कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन फॉर्म के दौरान तीन पसंदीदा टेस्ट स्टेट चुनने का विकल्प मिलेगा जिसमें पहली पसंद एप्लीकेशन फॉर्म में बताया गया उनका अपना स्टेट होगा और बाकी दो पसंद पड़ोसी स्टेट्स की होंगी।
3. आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को एक निश्चित बॉक्स में नीले या काले स्याही पैड के साथ अपने बाएं अंगूठे का निशान अपलोड करना होगा।
4. NBEMS ने कहा है कि नीट पीजी 2026 के लिए आवेदन करते समय उन्हें आधार नंबर की जानकारी देनी होगी। आवेदन के दौरान जहां भी जरूरी हो वहां पर अपना आधार नंबर दें। साथ ही कैंडिडेट्स के लिए जारी एडवाइजरी में उन्हें ये सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनका आधार अनलॉक ना हो।
5. साथ ही कैंडिडेट्स को उनकी उंगलियां, हाथों या हथेलियों पर मेहंदी, रंग, स्याही, पेंट या कोई और चीज न लगाने को कहा गया है। इससे बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है। हालांकि NBEMS ने स्पष्ट किया है कि अगर आधार ऑथेंटिकेशन सफल नहीं होता है, तो पहचान वेरिफाई करने के दूसरे तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
