नीट पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने लातूर के फेमस टीचर और कोचिंग का साम्राज्य खड़ा करने वाले शिवराज मोटेगांवकर को कई घंटों की पूछताछ के बाद रविवार को गिरफ्तार कर लिया। नीट पेपर लीक मामले में यह 10वीं गिरफ्तारी है। “M SIR ” के नाम से फेमस शिवराज मोटेगांवकर ने साइकिल से लग्जरी गाड़ियों तक का सफर इसी कोचिंग इंडस्ट्री के बलबूते ही तय किया है, लेकिन अब उनका नाम पेपर लीक मामले में सामने आ चुका है और उनका रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) भी अब जांच के दायरे में है।

साइकिल से लग्जरी गाड़ियों का सफर किया तय

लातूर में RCC क्लासेस के फाउंडर शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी से कोचिंग इंडस्ट्री के लोगों को गहरा धक्का पहुंचा है क्योंकि हर किसी के लिए इस बात पर यकीन कर पाना मुश्किल हो रहा है कि एक ऐसा शख्स जिसने साइकिल से ट्यूशन पढ़ाने से लेकर लग्जरी गाड़ियों में बैठने तक का सफर अपनी मेहनत से तय किया वह शख्स पेपर लीक मामले में आरोपी बन गया है। शिवराज मोटेगांवकर के बारे में हर कोई जानना चाहता है।

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शिवराज मोटेगांवकर पर क्या लगे हैं आरोप?

उनकी गिरफ्तारी की वजह नीट पेपर लीक मामले में उनका नाम आना है। हाल ही में एक वायरल वीडियो सामने आया जिसमें मोटेगांवकर स्टूडेंट्स से पूछ रहे हैं कि RCC के मॉक टेस्ट के कितने सवाल असली NEET पेपर में आए थे। स्टूडेंट्स ने जवाब दिया कि उनमें से अधिकतर नीट पेपर में आए थे। इस वीडियो को लेकर सीबीआई ने RCC के लातूर कैंपस की तलाशी ली और साथ ही पुणे में भी उनसे पूछताछ की जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

सीबीआई के आरोप हैं कि मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े दूसरे आरोपियों और सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर लीक हुए क्वेश्चन पेपर और आंसर शीट की कॉपी कई लोगों तक पहुंचाई जिनमें विवेक पाटिल और दूसरे लोग शामिल हैं। मोटेगांवकर पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने “दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर” एग्जाम से पहले NEET-UG 2026 के क्वेश्चन पेपर और आंसर लिए थे। शिवराज पर आरोप हैं कि उन्होंने नीट एग्जाम के बाद लीक हुए क्वेश्चन पेपर नष्ट कर दिए थे। उन पर भारतीय न्याय संहिता, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कौन हैं RCC के शिवराज मोटेगांवकर?

लातूर से ही अपनी पढ़ाई करने वाले शिवराज मोटेगांवकर का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने केमिस्ट्री में M.Sc की और बोर्ड और एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को केमिस्ट्री पढ़ाना शुरू किया। शुरुआती सालों में वह साइकिल से घर-घर जाकर केमिस्ट्री का ट्यूशन देते थे। करीब 1999 में, उन्होंने लातूर में किराए की एक जगह से सिर्फ 10 स्टूडेंट्स के साथ अपनी कोचिंग क्लास की शुरुआत की थी। छोटे बैच में खुद से तैयार किए गए हाथ से लिखे नोट्स से पढ़ाते थे।

उनके सबसे पुराने स्टूडेंट्स में से एक ने बताया कि 2001 बैच में लातूर से सिर्फ 40 स्टूडेंट्स थे। अब लातूर में ही 15,000 से अधिक स्टूडेंट्स उनकी क्लासेस लेते हैं। वह बहुत ब्रिलियंट हैं और उन्होंने कई स्टूडेंट्स का करियर बनाया है।

पिछले दो दशकों में RCC जिसे पहले रेणुकाई करियर सेंटर के नाम से जाना जाता था, NEET, JEE और CET की तैयारी के लिए महाराष्ट्र के सबसे बड़े कोचिंग ब्रांड में से एक बन गया। RCC का लातूर, पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर, कोल्हापुर और अकोला में सेंटर चलता है, जहां हर साल लगभग 40,000 स्टूडेंट अपना रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस कोचिंग संस्थान की फीस 50 से 60 हजार रुपये प्रति स्टूडेंट है।