नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पिछले कुछ दिनों के अंदर तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। यह तीनों महिलाएं महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली हैं। इन तीनों महिलाओं पर आरोप है कि उनका सीधा संबंध नीट पेपर लीक मामले से है। अभी तक की जांच में सीबीआई ने सबसे अधिक गिरफ्तारियां महाराष्ट्र से ही की हैं। हाल फिलहाल में सीबीआई ने जिन तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है उनके नाम एक ही हैं। गिरफ्तार महिलाओं के नाम हैं- मनीष वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा हवलदार। इन तीनों का कथित रूप से पेपर लीक में रोल रहा है।

कौन हैं गिरफ्तार की गईं तीनों महिलाएं?

सीबीआई ने 46 साल की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। CBI ने उन्हें एक “कॉमन लिंक” बताया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर स्टूडेंट्स को एक दूसरी आरोपी मनीषा मंधारे से मिलवाया था। मनीषा मंधारे को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों पुणे में एक ही हाउसिंग सोसाइटी में रहते थे। मनीषा वाघमारे ने कथित तौर पर एक दूसरे आरोपी धनंजय लोखंडे को क्वेश्चन पेपर सप्लाई किया था।

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इस मामले में गिरफ्तार एक और महिला मनीषा मंधारे जो कि पुणे मॉडर्न जूनियर कॉलेज ऑफ साइंस, आर्ट्स एंड कॉमर्स में सीनियर बायोलॉजी टीचर थीं। वह 2002 से कॉलेज के साथ काम कर रही थीं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने उन्हें एक्सपर्ट भी बनाया था। मनीषा मंधारे 16 मई को गिरफ्तार की गई हैं। उन पर आरोप है कि वह अपने घर पर स्पेशल कोचिंग क्लास चलाती थी। इन्हीं क्लासेस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर नीट यूजी एग्जाम के लिए बॉटनी और जूलॉजी के पेपर से कई सवाल लीक किए।

इस मामले में गिरफ्तार तीसरी ‘मनीषा’ मनीषा हवलदार हैं, जो पुणे के बुधवार पेठ में सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला की प्रिंसिपल हैं। वह फिजिक्स की टीचर थीं, जो 1992 में स्कूल में शामिल हुई थीं और दो महीने से भी कम समय में रिटायर होने वाली थीं। CBI ने उसे 22 मई को गिरफ्तार किया। NTA ने मनीषा हवलदार को एक्सपर्ट अपॉइंट किया था, और उसके पास NEET-UG के फिजिक्स के क्वेश्चन पेपर थे। कथित तौर पर उसने फिजिक्स के पेपर से सवाल लीक किए।

नीट पेपर लीक मामले में अब तक होने वाली गिरफ्तारियां

बता दें कि नीट यूजी पेपर लीक मामले में पहली गिरफ्तारी भी महाराष्ट्र के नासिक से हुई थी। 27 साल का व्यक्ति शुभम खैरनार को सीबीआई ने ही अरेस्ट किया था। उस पर आरोप था कि उसने 10 लाख रुपए में पेपर खरीदा था और 15 लाख रुपए में बेचा था। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, खैरनार नासिक में एक मेडिकल एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म चलाता था और खुद को ‘डॉक्टर’ बताता था, हालांकि उसने कभी अपनी BAMS डिग्री पूरी नहीं की थी।

इस मामले में गिरफ्तार एक और आरोपी अहिल्यानगर का 30 साल का आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर धनंजय लोखंडे है। CBI ने कहा है कि लोखंडे ने मनीषा वाघमारे से क्वेश्चन पेपर लिए और उसने वह पेपर खैरनार को दिया। लातूर के दयानंद साइंस कॉलेज (जूनियर) के रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर प्रहलाद विट्ठल कुलकर्णी की भी गिरफ्तारी इस मामले में हो चुकी है। उन पर आरोप हैं कि उन्होंने कथित तौर पर अपने पुणे वाले घर पर कोचिंग सेशन ऑर्गनाइज़ किए, जिसके दौरान स्टूडेंट्स को “लीक हुआ मटीरियल सिखाया था।

एक और गिरफ्तार आरोपी शिवराज मोटेगांवकर है, जो रेणुकाई कोचिंग सेंटर का फाउंडर है, जो महाराष्ट्र में कई जगहों से चलता है। CBI ने आरोप लगाया है कि मोटेगांवकर पीवी कुलकर्णी का करीबी था और उसके इंस्टीट्यूट और घर की तलाशी में एक केमिस्ट्री क्वेश्चन बैंक मिला था जिसमें वही सवाल थे जो NEET एग्जाम में आए थे।

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