नीट यूजी री एग्जाम का रिजल्ट गुरुवार (16 जुलाई 2026) देर रात जारी कर दिया गया। 21 जून को आयोजित हुए री एग्जाम में 20 लाख से अधिक कैंडिडेट शामिल हुए थे जिसमें से 11.21 लाख कैंडिडेट ने यह एग्जाम पास कर लिया है। बता दें कि यह परीक्षा पहले 03 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के चलते एनटीए ने 12 मई को यह एग्जाम रद्द कर दिया था। नीट पेपर लीक मामले में हरियाणा के गुरुग्राम से एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी जिसका नाम यश यादव था जो खुद नीट यूजी एग्जाम में शामिल हुआ था और फिर री एग्जाम में भी यश को बैठने की अनुमति मिल गई थी, लेकिन अब खबर है कि एनटीए ने यश का रिजल्ट रोक लिया है।
एग्जाम में बैठने के लिए कोर्ट से मिली थी मंजूरी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एनटीए ने नीट पेपर लीक के आरोपी यश यादव का नीट यूजी रिजल्ट रोक लिया है। हालांकि इसके पीछे की वजह के बारे में जानकारी नहीं मिली है। बता दें कि यश यादव को दिल्ली की एक अदालत ने नीट यूजी री एग्जाम में बैठने की अनुमति दे दी थी। जब यह अनुमति यश को मिली थी तो वह उस वक्त जेल में था। री एग्जाम के अलावा यश को अपनी बहन की शादी अटैंड करने की भी परमिशन मिल गई थी।
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13 मई को गिरफ्तार हुआ था यश
नीट पेपर लीक मामले में यश यादव को 13 मई को अरेस्ट किया गया था। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने आरोप लगाया था कि यादव को लीक हुए क्वेश्चन पेपर की PDF फाइलें सिक्योर मैसेजिंग एप्लीकेशन टेलीग्राम के जरिए मिली थीं और उसने उन्हें 10 लाख रुपये में बेच दिया था।
03 मई की परीक्षा में शामिल था यश यादव
यश यादव पर आरोप थे कि वह 03 मई को आयोजित की गई परीक्षा में शामिल हुआ था और “लीक” हुए पेपर को बांटने में शामिल था। 3 मई की परीक्षा में 22.7 लाख से ज़्यादा कैंडिडेट शामिल हुए थे। 16 जून को दिल्ली की एक कोर्ट ने यादव को 21 जून को दोबारा परीक्षा देने की इजाजत देते हुए कहा था कि उसके खिलाफ लगे आरोप उसे परीक्षा देने के अधिकार से वंचित करने का आधार नहीं हो सकते।
उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट है यश
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज डॉ. विशाल गोगने ने अपने आदेश में कहा था कि यश यादव पर उसी परीक्षा के गोपनीय सवालों को गलत तरीके से फैलाने और बेचने के गंभीर आरोप हैं, जिसमें वह अब शामिल होना चाहता है, लेकिन एक स्टूडेंट के तौर पर उसके अधिकारों को परीक्षा में शामिल होने का मौका न देकर जमानत को सजा में बदलकर खत्म नहीं किया जा सकता। 20 वर्षीय यश यादव गुरुग्राम में रहता है और देहरादून में उत्तराखंड आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट है।
