नीट पेपर लीक मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। दो दिन पहले ही सीबीआई ने इस पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था जिसे दिल्ली की अदालत ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस बीच सीबीआई से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी है कि नीट का सिर्फ एक पेपर लीक नहीं हुआ था बल्कि दोनों सेट का पेपर लीक हुआ था। यह दूसरा सेट वह था जिसे एनटीए ने रिजर्व में रखा हुआ था।
दूसरे सेट के सवाल भी क्वेश्चन पेपर से हुए मैच
एनबीटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई जांच में यह बात सामने आई है कि नीट का सिर्फ एक पेपर लीक नहीं हुआ था बल्कि दोनों सेट का पेपर लीक हुआ था। दूसरे सेट को रिजर्व में रखा गया था। सीबीआई जांच के दौरान पता चला है कि दूसरे सेट के सवाल भी ‘गेस पेपर’ के सवालों से हूबहू मेल खाते हैं। इस पेपर लीक कांड में सीबीआई ने मास्टरमाइंड समेत 5 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
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क्यों तैयार होता है दूसरा सेट?
बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी नीट यूजी क्वेश्चन पेपर के दो सेट तैयार करती है। इनमें से कौन-सा सेट परीक्षा में आएगा इसकी जानकारी सिर्फ डायरेक्टर जनरल के पास होती है, लेकिन जो गेस पेपर नीट यूजी एग्जाम से पहले लीक हुआ था वह रिजर्व सेट से भी मेल खा गया है। नीट यूजी एग्जाम का वह रिजर्व सेट इसलिए एडवांस्ड में रखा जाता है ताकि कहीं कोई गड़बड़ी या जरूरत पड़ने पर तुरंत दूसरे सेट का पेपर कराया जा सके।
दोनों सेट के प्रश्न गेस पेपर से हुए मैच
जानकारी के मुताबिक, एनटीए ने जो दूसरा सेट रिजर्व में रखा हुआ था उसके सभी सवाल गेस पेपर से मैच हुए हैं। 03 मई को आयोजित की गई नीट यूजी परीक्षा का पेपर एग्जाम वाले दिन से पहले ही लीक हो गया था। दोनों सेट के बायोलॉजी और केमिस्ट्री के सभी सवाल गेस पेपर में थे। इसमें बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल ऐसे थे जो गेस पेपर और ओरिजनल पेपर में हूबहू मिले।
सीबीआई कर चुकी है इनको गिरफ्तार
जांच में खुलासा हुआ है कि प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीष मांधरे ने मिलकर एक गेस पेपर बनाया था, जो कई राज्यों में लाखों में बिका। सीबीआई ने पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे को गिरफ्तार कर लिया है। प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी केमिस्ट्री पढ़ाते हैं और मनीषा मांधरे बॉटनी, जूलॉजी के सवालों का अनुवाद करने की एक्सपर्ट थीं।
