ताज़ा खबर
 

14 वर्षों बाद करिकुलम फ्रेमवर्क की समीक्षा करेगा NCERT

स्कूल शिक्षा सुधारों में सबसे बड़े अभ्यास में, परिषद को 72,000 हितधारकों से एक लाख सुझाव मिले, जिनमें छात्र, शिक्षक, माता-पिता, बुद्धिजीवी और नागरिक समाज के सदस्य शामिल थे।

परिषद दिसंबर 2019 तक 42 लाख सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक विस्‍तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना बना रहा है।

नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ट्रेनिंग (NCERT) ने कहा है कि नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) की समीक्षा जल्द ही शुरू होगी। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, 2005 में प्रकाशित अंतिम एनसीएफ की समीक्षा पर प्रारंभिक कार्य शुरू हो गया है और जल्द ही समिति का गठन किया जाएगा।

एनसीईआरटी के निदेशक हृषिकेश सेनापति ने कहा कि , “समाज को एक बदलाव की जरूरत है और हमारा ध्यान, अनुभवात्मक शिक्षा पर होगा। इससे शिक्षकों को छात्रों पर बेहतर ध्यान देने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।” उन्होंने कहा, “हमने पाठ्यपुस्तकों के युक्तिकरण पर जो काम किया है, वह 2005 के एनसीएफ की समीक्षा का आधार बनेगा।” NCF भारत में शिक्षण प्रथाओं पर दिशा-निर्देश देते हुए स्कूल सिलेबस के निर्माण और पाठ्यपुस्तकों के लेखन के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।

सूत्रों के अनुसार, 23 मई को लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद आधिकारिक रूप से इस अभ्यास की घोषणा की जाएगी। स्कूल शिक्षा सुधारों में सबसे बड़े अभ्यास में, परिषद को 72,000 हितधारकों से एक लाख सुझाव मिले, जिनमें छात्र, शिक्षक, माता-पिता, बुद्धिजीवी और नागरिक समाज के सदस्य शामिल थे। परिषद दिसंबर 2019 तक 42 लाख सरकारी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए एक विस्‍तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम की योजना बना रहा है। परिषद ने पहले ही त्रिपुरा में एक टेस्‍ट रन का संचालन किया है, जहां उसने तीन-चार महीनों में 31,000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App