एनसीईआरटी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के साथ नए करिकुलम के तहत क्लास 9वीं तक की लगभग सभी रिवाइज्ड टेक्स्ट बुक्स रिलीज कर दी हैं। अभी सिर्फ क्लास 9वीं की सोशल साइंस टेक्स्ट बुक का पार्ट 2 और मैथेमेटिक्स की टेक्स्टबुक पब्लिश होना बाकी है। कक्षा 9वीं की ही सोशल साइंस की किताब पब्लिश की गई थी, लेकिन उस किताब में कुछ अध्याय को लेकर विवाद हुआ जिसके बाद इस किताब की छपाई पर रोक लगा दी गई थी। ऐसे में अभी इस विषय की रिवाइज्ड बुक जारी की जाएगी।

नई किताबें प्रिंट और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध

NCERT के अधिकारियों के मुताबिक, जिन किताबों को अभी तक रिलीज नहीं किया गया है उन्हें अगस्त में रिलीज किए जाने की उम्मीद है। NCERT ने एक एडवाइजरी में कहा है, “नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के फॉलो-अप के तौर पर NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCF-SE) 2023 के हिसाब से नई टेक्स्टबुक्स डेवलप की हैं। क्लास 1 से लेकर क्लास 8 तक के लिए नई टेक्स्टबुक्स डेवलप की गई हैं। यह नई किताबें प्रिंट और डिजिटल दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध है।

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10वीं और 11वीं की नई किताबें अगले साल आएंगी

एनसीईआरटी अधिकारियों ने आगे कहा है कि क्लास 9 के लिए नई टेक्स्टबुक्स डेवलप हो रही हैं और 2026-27 एकेडमिक सेशन से पहले स्कूलों के लिए उपलब्ध हो जाएंगी। क्लास 9 के लिए ड्राफ्ट सिलेबस फीडबैक के लिए NCERT की वेबसाइट पर पहले ही अपलोड कर दिया गया है। NCERT ने आगे कहा कि क्लास 10 और 11 के लिए नई टेक्स्टबुक 2027-28 एकेडमिक सेशन से शुरू की जाएंगी, जबकि इन क्लास के लिए मौजूदा टेक्स्टबुक 2026-27 एकेडमिक ईयर के दौरान इस्तेमाल होती रहेंगी।

नई किताबों पर एक्सपर्ट की राय

एनसीईआरटी की नई किताबों को लेकर ITL पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल सुधा आचार्य ने कहा कि रिवाइज्ड बुक्स का रोलआउट आसानी से हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले सेमेस्टर के लिए जरूरी लगभग सभी बुक्स अवेलेबल हैं। सिर्फ क्लास 8 सोशल साइंस पार्ट 2 और मैथेमेटिक्स की बुक्स का अभी इंतजार है जो कि दूसरे सेमेस्टर से पहले यानी अगस्त में मिलने की संभावना है।

इस दौरान सुधा आचार्य ने सीबीएसई की ‘तीन-भाषा पॉलिसी’ को लागू करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि क्लास 6 में स्टूडेंट्स को कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़नी जरूरी हैं। अधिकतर CBSE स्कूल हिंदी और इंग्लिश पढ़ाते हैं, जिसमें संस्कृत सबसे अधिक चुनी जाने वाली तीसरी भाषा है। उन्होंने कहा कि क्लास 9 और 10 में, फ्रेंच और जर्मन स्टूडेंट्स के लिए सबसे पसंदीदा विदेशी भाषा ऑप्शन में से एक हैं।