पश्चिम बंगाल सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए राज्य की मुर्शिदाबाद यूनिवर्सिटी का नाम बदल दिया है। इस विश्वविद्यालय का नया नाम अब मुर्शिदाबाद महाराजा कृष्णनाथ यूनिवर्सिटी होगा। शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने शनिवार को राज्य विधानसभा में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब इस यूनिवर्सिटी को मुर्शिदाबाद महाराजा कृष्णनाथ यूनिवर्सिटी, बरहामपुर के नाम से जाना जाएगा, जिससे शाही परिवार से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत को फिर से बहाल किया जा सके।

महाराजा कृष्णनाथ ने मुर्शिदाबाद के लिए क्या किया?

राज्य विधानसभा में इससे संबंधित एक बिल पर बहस के दौरान शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि महाराजा कृष्णनाथ जिन्होंने अपने पूरी संपत्ति मुर्शिदाबाद के बच्चों को हायर एजुकेशन दिलाने के लिए दान कर दी थी उनके सम्मान के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। महाराजा कृष्णनाथ का सिर्फ 22 साल का जीवन रहा।

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123 साल बाद बदला गया नाम

उन्होंने आगे कहा कि जाने-माने शिक्षाविद डॉ. रेजाउल करीम ने शुरू में प्रस्ताव दिया था कि इस संस्थान का नाम महाराजा कृष्णनाथ के नाम पर रखा जाए। बसु ने कहा, “123 साल बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर महाराजा कृष्णनाथ को पूरा सम्मान दिया है।”

1853 में हुई थी इस कॉलेज की शुरुआत

यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का बिल बाद में विधानसभा से पास हो गया। बसु ने याद दिलाया कि इस इंस्टीट्यूशन की शुरुआत 1853 में बने बरहमपुर कृष्णनाथ कॉलेज से हुई थी। “जब बाद में कॉलेज का नाम बदलकर मुर्शिदाबाद कॉलेज कर दिया गया, तो लोकल लोगों के कुछ हिस्सों ने निराशा जताई और असली विरासत से जुड़े नाम को वापस लाने की मांग की।

इस फैसले का बीजेपी ने भी किया स्वागत

शिक्षा मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी ने महाराजा कृष्णनाथ के सम्मान में यूनिवर्सिटी का नाम बदलने को मंजूरी दी, जिससे मुर्शिदाबाद के लोगों का इस ऐतिहासिक इंस्टीट्यूशन से इमोशनल लगाव को पहचाना जा सके। राज्य सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुएTMC MLA मोहम्मद अली और बशीरहाट उत्तर (नॉर्थ 24 परगना) के MLA रफीकुल इस्लाम मंडल ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया। वहीं बीजेपी ने भी इस सरकारी आदेश के लिए सरकार का शुक्रिया अदा किया।