मध्य प्रदेश में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 13 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी हैं। मंगलवार को अंग्रेजी विषय का पेपर आयोजित किया गया था, लेकिन बुरहानपुर जिले में एक सेंटर पर यह पेपर लीक हो गया और पेपर लीक करने वाला कोई और नहीं बल्कि उस सेंटर पर ड्यूटी कर रही एक महिला टीचर थी। कथित तौर पर महिला टीचर ने एग्जाम शुरू होते ही क्वेश्चन पेपर की फोटो खींचकर वॉट्सएप स्टेटस पर लगा दी। अब इस मामले में उस महिला टीचर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

आरोपी टीचर को कर दिया गया सस्पेंड

जानकारी के मुताबिक, यह घटना जिले के तुकईथड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र की है। इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने आरोपी महिला टीचर राजकुमारी सोनी, केंद्र अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कुलकर्णी और सहायक केंद्र अध्यक्ष अनीता दीक्षित को सस्पेंड भी कर दिया है। इस एक्शन के बीच यह चर्चा भी हो रही है कि क्या इस सेंटर पर इंग्लिश का पेपर दोबारा आयोजित कराया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

एमपी के बुरहानपुर जिले में स्थित तुकईथड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 16 फरवरी को सुबह 9:30 बजे जैसे ही अंग्रेजी का पेपर शुरू हुआ तो बस 5 मिनट बाद ही प्राइमरी टीचर राजकुमारी सोनी ने उस क्वेश्चन पेपर को अपने वॉट्सएप पर स्टेटस लगा दिया। सूचना मिलते ही कलेक्टर हर्ष सिंह और जिला पंचायत CEO सृजन वर्मा सेंटर पर पहुंचे। टीचर से पूछताछ की।

पूछताछ में राजकुमारी सोनी ने बताया कि उन्होंने एक अनुपस्थित स्टूडेंट की टेबल पर क्वेश्चन पेपर की फोटो खींची थी। उसने यह फोटो किसी दूसरे व्यक्ति को भेजी थी ताकि क्वेश्चन पेपर को सॉल्व करके चीटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

इस मामले में एसपी देवेंद्र कुमार पाटीदार ने बताया है कि टीचर के खिलाफ मध्य प्रदेश रिकॉग्नाइज्ड एग्जामिनेशन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रोविजन्स के तहत केस दर्ज किया गया है और उससे पहले अधिकारियों ने आरोपी महिला टीचर समेत तीन लोगों को सस्पेंड भी कर दिया है।

क्या रद्द होगी परीक्षा?

हालांकि प्रशासन ने पेपर लीक की बात को खारिज किया है। प्रशासन का दावा है कि क्वेश्चन पेपर किसी भी तरह से लीक नहीं हुआ है, लेकिन छात्रों और पैरेंट्स की चिंता काफी बढ़ गई है। चर्चा है कि परीक्षा को रद्द किया जा सकता है और रीएग्जाम कराया जा सकता है, लेकिन अभी परीक्षा रद्द होने की आधिकारिक जानकारी नहीं आई है। स्टूडेंट्स और पैरेंट्स को सलाह दी जाती है कि इस मामले में जानकारी एमपी बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट या फिर बोर्ड के संबंधित रीजनल ऑफिस से ही करें।