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Mission Buniyaad Programme: 12 अप्रैल से शुरू होगा मिशन बुनियाद कार्यक्रम, पैरेंट्स लेंगे शिक्षकों की जगह

Mission Buniyaad programme 2021: इस योजना का नाम मिशन बुनियाद कार्यक्रम है जिसके तहत 7वीं कक्षा के छात्रों के पेरेंट्स अपने बच्चों को खाली समय में पढ़ाने के लिए क्लास लेंगे। मिशन बुनियाद योजना का उद्देश्य मूलभूत शिक्षा में सुधार करना है।

Mission Buniyaad programme, Delhi Education Commission, Delhi School, what is Mission Buniyaad,बच्चे अगली कक्षाएं में बिना परीक्षा-पढ़ाई के प्रमोट कर दिए गए हैं। बच्चों की ग्रोथ चेक करने, सीखने-सिखाने के लिए इस परियोजना में पेरेंट्स की भागीदारी अपनाई जा रही है। (Representational Image/ फोटो -The Indian Express)

Mission Buniyaad Programme 2021: दिल्ली सरकार ने कोरोना काल में बच्चों की स्कूल फ्रॉम होम (School From Home) वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पेरेंट्स को योद्धा के रूप में चुना है। इसके लिए दिल्ली शिक्षा विभाग 12 अप्रैल से अपने 26 स्कूलों में तीन हफ्ते का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। इस योजना का नाम ‘मिशन बुनियाद कार्यक्रम’ है जिसके तहत 7वीं कक्षा के छात्रों के पेरेंट्स अपने बच्चों को खाली समय में पढ़ाने के लिए क्लास लेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, योजना का उद्देश्य मूलभूत शिक्षा में सुधार करना है। शिक्षा विभाग ने इस योजना के लिए पेरेंट्स को ट्रेनिंग और दिशा-निर्देश देने का काम शुरू कर दिया है जो 10 अप्रैल तक जारी रहेगा।

कोरोना काल में पढ़ाई पूरी तरह ऑनलाइन चल रही है। बच्चे अगली कक्षाएं में बिना परीक्षा-पढ़ाई के प्रमोट कर दिए गए हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार बच्चों की ग्रोथ चेक करने, सीखने-सिखाने के लिए इस परियोजना में पेरेंट्स की भागीदारी अपना रही है। इस परियोजना में अब शिक्षक घर बैठे अपने बच्चों की क्लास लेंगे। पेरेंट्स को स्टडी मैटेरियल स्कूल/विभाग की तरफ से दिया जाएगा।

परियोजना पर काम कर रहे एक शिक्षक देविंदर जुनेजा ने मीडिया को बताया कि, नेहरू विहार में सर्वोदय कन्या विद्यालय के कक्षा 7 के लगभग 350 छात्रों के अभिभावकों को शिक्षित करने के लिए छोटे-छोटे बैच में बुलाया गया था।

जुनेजा ने मुताबिक, ऑनलाइन पढ़ाई के बीच शिक्षकों के लिए माता-पिता या परिवार के सदस्यों के सपोर्ट की जरूरत है। होमवर्क करवाने से लेकर, बच्चे की ग्रोथ में पेरेंट्स की भूमिका अहम है। इसलिए हमने स्कूल में, माता-पिता को नए सत्र के लिए किताबें लेने और स्टडी मैटेरियल इकट्ठा करने के लिए बुलाया और उसी दिन उनको बच्चों को पढ़ाने, सिखाने की मामूली ट्रेनिंग भी दी। जो लोग स्कूल नहीं आ सकते उन्हें मोबाइल कॉल, मेल, व्हाट्सएप ग्रुप्स आदि के माध्यम से स्टडी मैटेरियल दिया गया।

दिल्ली सरकार ने अप्रैल 2018 में मिशन बनियाद शुरू किया गया था। मूलभूत साक्षरता के साथ योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि कक्षा 3 से 8 के सभी बच्चे पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित सवालों को समझने में सक्षम हों। इसमें सरकार ने एक लक्ष्य निर्धारित कर परियोजना पर काम शुरू किया था।

योजना काफी हद तक बच्चों को शिक्षित करने में मां-बाप के हस्तक्षेप की बात करती है।  एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 41% माता-पिता मिशन बनियाद कार्यक्रम के बारे में नहीं जानते थे।

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