कल्पना कीजिए… आप किसी अनजान शहर में बिना नक्शे के पहुंच गए हैं। चारों ओर कई रास्ते हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि किस दिशा में जाना है। कुछ देर बाद आप केवल रास्ता ही नहीं, अपनी दिशा भी भूल जाते हैं। ऐसी स्थिति को व्यक्त करने के लिए हिंदी में एक सटीक शब्द ‘दिग्भ्रमित’ है। ‘दिग्भ्रमित’ केवल भ्रमित होने का भाव ही नहीं, बल्कि दिशा, उद्देश्य या सही मार्ग को लेकर उलझन में पड़ जाने की स्थिति को भी व्यक्त करता है।
जनसत्ता.कॉम की ‘सही हिंदी’ मुहिम का उद्देश्य हिंदी भाषा की शुद्धता, सुंदरता और व्याकरणिक समझ को आम पाठकों तक सरल रूप में पहुंचाना है। साथ ही ऐसे शब्दों का प्रयोग, जिनका हम दैनिक जीवन में करते हैं, लेकिन उनके सही अर्थ और संदर्भ को लेकर स्पष्टता कम होती है। यह पहल बोले और लिखे जाने वाले शब्दों के सही रूप, अर्थ, उच्चारण और व्याकरण को समझाकर भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है। आज की कड़ी का शब्द ‘दिग्भ्रमित’ है।
दिग्भ्रमित: दिक् + भ्रमित।
दिक् (दिशा): दिशा, ओर।
भ्रमित: उलझा हुआ, रास्ता भटका हुआ।
‘दिग्भ्रमित’ का अर्थ दिशा को लेकर भ्रमित हो जाना, सही मार्ग या उद्देश्य से भटक जाना है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि ‘दिक्’ का प्रयोग समास में प्रायः ‘दिग्’ के रूप में हो जाता है, इसलिए दिग्भ्रमित शब्द बनता है।
शब्द का महत्व
‘दिग्भ्रमित’ का प्रयोग केवल रास्ता भटकने के लिए नहीं होता। आज यह शब्द मानसिक, वैचारिक और सामाजिक संदर्भों में भी व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है। जब कोई व्यक्ति सही निर्णय न ले पा रहा हो, किसी विचारधारा को लेकर उलझन में हो या लक्ष्य से भटक गया हो, तब भी उसे ‘दिग्भ्रमित’ कहा जा सकता है।
उदाहरण
- सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को दिग्भ्रमित करना है।
- घने जंगल और कोहरे के कारण शिकारी दिग्भ्रमित हो गया और अपना रास्ता भूल गया।
- बिना सही मार्गदर्शन के छात्र अक्सर अपने करियर को लेकर दिग्भ्रमित हो जाते हैं।
- लगातार हार के बाद टीम कुछ समय के लिए दिग्भ्रमित नजर आई।
समानार्थी शब्द
भ्रमित, दिशाहीन, पथभ्रष्ट (संदर्भानुसार), उलझनग्रस्त।
दिग्भ्रमित शब्द लिखते समय होने वाली गलतियां
कुछ लोग इसे ‘दिशाभ्रमित’ या ‘दिग भ्रमित’ लिख देते हैं। सही शब्द दिग्भ्रमित है।
अभिप्राय
‘दिग्भ्रमित’ केवल दिशा भूल जाने का शब्द नहीं है, बल्कि जीवन में लक्ष्य, विचार या निर्णय के स्तर पर उत्पन्न भ्रम को भी व्यक्त करता है। यही कारण है कि यह शब्द समाचारों, साहित्य और सामान्य बोलचाल में समान रूप से प्रासंगिक है।

सही हिंदी 44: ‘बिना मांगे मिली सहायता अयाचित’ कहलाती है, जानिए ‘अयाचित’ का अर्थ, प्रयोग और शब्द-रचना
कल्पना कीजिए, किसी व्यक्ति को बिना मांगे ही कोई सहायता, उपहार या अवसर मिल जाए। उसने इसकी अपेक्षा नहीं की थी, फिर भी वह वस्तु उसके पास आ गई। ऐसी स्थिति को व्यक्त करने के लिए हिंदी में एक सुंदर शब्द ‘अयाचित’ है। ‘अयाचित’ केवल बिना मांगे मिलने का भाव नहीं बताता, बल्कि ऐसी वस्तु या सहायता को दर्शाता है, जिसकी मांग या प्रार्थना न की गई हो। (पूरा लेख पढ़ने के लिए क्लिक करें)
