नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई को जांच में एक और बड़ा सुराग मिला है। एजेंसी की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार विषय विशेषज्ञ मनीषा गुरुनाथ मंधारे केवल प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया से ही नहीं जुड़ी थीं, बल्कि उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी सेक्शन के प्रश्नों का अनुवाद भी किया था। इससे उन्हें प्रश्नपत्र के बड़े हिस्से तक पहुंच मिली थी।

सूत्रों के अनुसार, पुणे के मॉर्डन कॉलेज ऑफ आर्ट्स से जुड़ी बायोलॉजी विशेषज्ञ मनीषा मंधारे को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी दोनों सेक्शन के प्रश्नों का अनुवाद किया था।

केमिस्ट्री एक्सपर्ट भी जांच के घेरे में

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार दूसरे विशेषज्ञ पी वी कुलकर्णी, जो लातूर के दयानंद जूनियर कॉलेज के सेवानिवृत्त केमिस्ट्री लेक्चरर हैं, उन्होंने प्रश्नपत्र का मराठी अनुवाद किया था। सीबीआई को शक है कि मंधारे ने सह-आरोपियों मनीषा वाघमारे और कुलकर्णी के साथ मिलकर पेपर लीक की साजिश रची।

छात्रों के लिए घर पर चलाती थीं स्पेशल कोचिंग

जांच एजेंसी के मुताबिक, अप्रैल 2026 में मनीषा मंधारे ने मनीषा वाघमारे के जरिए नीट परीक्षा देने वाले चुनिंदा छात्रों को जुटाया और पुणे स्थित अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लासेज आयोजित कीं।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उन्हें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा चुनिंदा प्रश्नों का अनुवाद सौंपे जाने के बाद प्रश्नपत्र तक पूरी पहुंच मिल गई थी। आरोप है कि उन्होंने मोटी रकम के बदले चयनित छात्रों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न और सामग्री उपलब्ध कराई।

पुणे ले जाकर कराई गई पूछताछ

सीबीआई टीम मनीषा मंधारे को पुणे भी लेकर गई, जहां उनसे उन सभी स्थानों की पहचान कराई गई जहां कोचिंग क्लास चलाई गई थी। जांचकर्ताओं ने उन्हें संदिग्ध छात्रों और सह-आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ भी की।

NTA की व्यवस्था पर उठे सवाल

सूत्रों के अनुसार, NTA प्रत्येक 12 भाषाओं के लिए दो-दो अनुवादक नियुक्त करता है। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विषय विशेषज्ञों को ही अनुवाद का जिम्मा दिया जाता है ताकि कम लोगों को पेपर तक पहुंच मिले। हालांकि इसी व्यवस्था ने अब सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘गेस पेपर’ से मिले थे कई सवाल

सीबीआई को सौंपे जाने से पहले NTA की आंतरिक जांच में पाया गया था कि NEET-UG प्रश्नपत्र के सभी केमिस्ट्री सवाल और बायोलॉजी सेक्शन के कुछ प्रश्न एक कथित “गेस पेपर” से मेल खाते थे। नीट यूजी परीक्षा में कुल 180 प्रश्न होते हैं, जिनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी शामिल होते हैं।

22 लाख छात्रों की परीक्षा हुई रद्द

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET-UG परीक्षा में करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को पिछले सप्ताह रद्द कर दिया गया था। अब सीबीआई की जांच से यह साफ होता जा रहा है कि पेपर लीक का नेटवर्क अपेक्षा से कहीं अधिक बड़ा और संगठित हो सकता है।