महाराष्ट्र में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी 2026, मंगलवार से शुरू हो गईं। बोर्ड एग्जाम में नकल को रोकने के लिए प्रशासन ने भले ही कितने भी सख्त इंतजाम किए थे, लेकिन वह सब धराशायी नजर आए। परीक्षा के पहले ही दिन कथित तौर पर बड़ी संख्या में बच्चों को नकल करते हुए पकड़ा गया जिसके बाद इंस्पेक्टर समेत 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। स्टूडेंट्स भारी पुलिस बल की मौजूदगी और CCTV की लाइव मॉनिटरिंग के बीच परीक्षा देंगे।

23 लोगों पर केस दर्ज

जानकारी के मुताबिक, छत्रपति संभाजीनगर जिले में क्लास 12वीं के इंग्लिश एग्जाम के पेपर के दौरान कथित तौर पर मास कॉपी का मामला सामने आया, जिसके बाद इंस्पेक्टर समेत 23 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई। उन्होंने बताया कि यह घटना मंगलवार को कन्नड़ तालुका के जैतापुर में महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन द्वारा आयोजित क्लास 12 के एग्जाम के पहले दिन हुई।

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कहां हो रही थी नकल?

देवगांव रंगारी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, “जैतापुर के राष्ट्रीय हायर सेकेंडरी स्कूल में मास कॉपी का मामला सामने आया, जहां बच्चे एक-दूसरे की आंसर शीट से कॉपी करते पाए गए। CCTV फुटेज में भी इसकी पुष्टि हुई।” उन्होंने कहा, “CCTV फुटेज देखने के बाद, विजिलेंस कमेटी ने कार्रवाई शुरू की और 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें जिला परिषद के टीचर जो इंविजिलेटर थे और टीम के दूसरे सदस्य शामिल हैं।”

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जिला परिषद के कर्मचारियों पर होगा एक्शन

परीक्षा में नकल का मामला सामने आने के बाद एजुकेशन डिपार्टमेंट काफी सख्त है। इस घटना के बाद कथित तौर पर जिला परिषद के कर्मचारियों को सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया है कि स्कूल के जो कर्मचारी इसमें शामिल पाए जाएंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। उनके अनुसार, गड़बड़ी सामने आने के बाद, इस एग्जाम सेंटर का पूरा स्टाफ बदल दिया गया।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह मामला महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ मैलप्रैक्टिसेस एट यूनिवर्सिटी, बोर्ड एंड अदर स्पेसिफाइड एग्जामिनेशन्स एक्ट, 1982 की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।

भाषा इनपुट के साथ