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मध्य प्रदेश: स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए ‘एक परिसर, एक शाला’ नाम से नया प्रयोग

मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके तहत विभिन्न स्तर और समान स्तर की शालाओं को एक करते हुए एक शाला के रूप में संचालित किया जाना है।

Author Updated: September 12, 2018 5:55 PM
यह प्रक्रिया आगामी एक अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी।

मध्यप्रदेश में स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके तहत विभिन्न स्तर और समान स्तर की शालाओं को एक करते हुए एक शाला के रूप में संचालित किया जाना है। यह प्रक्रिया आगामी एक अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। आधिकारिक तौर पर जारी बयान के अनुसार, “‘एक परिसर-एक शाला’ के क्रियान्वयन के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने जिलास्तरीय समिति के गठन के लिए जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं।” बयान के अनुसार, “जिलास्तरीय समिति कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित होगी। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी, आदिम जाति कल्याण के सहायक आयुक्त, प्राचार्य (डाईट और जिला परियोजना समन्वय) को शामिल किया गया है। समिति निश्चित समय-सारणी के अनुसार कार्य करेगी।”

प्रदेश में ‘एक परिसर-एक शाला’ के क्रियान्वयन से मानव एवं भौतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग हो सकेगा। इसके साथ ही शिक्षकों की मांग में भी कमी आएगी और व्यय पर नियंत्रण हो सकेगा। प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 224 विकासखण्डों में संचालित 34 हजार 997 स्कूलों को एक किए जाने पर ऐसे स्कूलों की संख्या 15 हजार 961 हो जाएगी।

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