सीबीएसई के ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने मंगलवार को दो प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बोर्ड के चेयरपर्सन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया गया था। अब शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड के नए चेयरपर्सन की नियुक्ति का ऐलान कर दिया है। साथ ही राहुल सिंह की भी नई नियुक्ति की घोषणा कर दी है। 2001 बैच के IAS ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। साथ ही राहुल सिंह को कृषि विभाग में जिम्मेदारी मिली है।
राहुल सिंह को मिली नई नियुक्ति
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रस्ताव के बाद राहुल सिंह को कृषि और किसान कल्याण विभाग, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय का एडिशनल सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। वहीं हिमांशु गुप्ता को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के तहत समय से पहले वापस भेजने का प्रस्ताव है। शिक्षा मंत्रालय के एडमिनिस्ट्रेटिव आधार पर ‘एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ’ की शर्त के साथ पेरेंट कैडर (गृह मंत्रालय) में भेजा जाएगा। कैबिनेट के ऑर्डर के मुताबिक, हिमांशु गुप्ता दिसंबर 2030 के बाद एक और सेंट्रल डेप्युटेशन के लिए पात्र होंगे।
इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर, वरुण भारद्वाज को स्कूल एजुकेशन और लिटरेसी डिपार्टमेंट के तहत सीबीएसई बोर्ड का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वरुण भारद्वाज को हिमांशु गुप्ता की जगह मिली है।
कौन हैं लोखंडे प्रशांत सीताराम
AGMUT 2001 बैच के IAS ऑफिसर प्रशांत सीताराम लोखंडे वर्तमान में होम मिनिस्ट्री के होम डिपार्टमेंट एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। वह पहले इस डिपार्टमेंट में जॉइंट सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। भारत सरकार की ओर से उन्हें प्रमोट किया गया था।
एक सदस्यीय कमेटी करेगी OSM मामले की जांच
बता दें कि सरकार ने मंगलवार को राहुल सिंह और हिमांशु गुप्ता के ट्रांसफर का ऑर्डर जारी करने के साथ ही OSM सर्विस की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। यह एक सदस्यीय कमेटी पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कमेटी को कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान हेड करेंगी। यह कमेटी सीबीएसई बोर्ड के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़े मामले की जांच करेगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी कांग्रेस
CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता के तबादले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि यह सरकार पूरी तरह से आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। CBSE में हुई गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्रालय की है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इसके लिए जिम्मेदार हैं। COEMPT जैसी भ्रष्ट कंपनी को ठेका देने का काम धर्मेंद्र प्रधान और मोदी सरकार की देखरेख में हुआ है। इन छोटी कार्रवाइयों से मोदी सरकार अपनी जवाबदेही से भाग नहीं सकती। धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
