कर्नाटक स्कूल परीक्षा और मूल्यांकन बोर्ड (KSEAB) ने 30 मार्च को पब्लिक हॉलिडे (महावीर जयंती) की वजह से थर्ड लैंग्लेंज (हिंदी) का पेपर 31 मार्च के लिए शेड्यूल किया था। बोर्ड की ओर से किए गए इस बदलाव को लेकर अब स्टूडेंट्स ने आपत्ति जताई है। कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे स्टूडेंट्स ऑब्जेक्शन उठाते हुए कहा है कि 30 मार्च वाला पेपर 31 मार्च के लिए शेड्यूल हो जाने के बाद उन्हें अब 2 अप्रैल वाले पेपर से पहले मिलने वाला गैप कम हो गया।

क्या है स्टूडेंट्स की समस्या?

स्टूडेंट्स का कहना है कि शेड्यूल में किए गए बदलाव के बाद उनके सामने एक चुनौती खड़ी हो गई है। छात्रों का कहना है कि 2 अप्रैल को होने वाले सोशल साइंस एग्जाम से पहले गैप काफी कम हो गया। 2 अप्रैल को 10वीं बोर्ड परीक्षा का आखिरी पेपर है जो कि सोशल साइंस सब्जेक्ट का है। इसमें हिस्ट्री, जियोग्राफी और सिविक्स जैसे 33 से ज्यादा लेसन का सिलेबस शामिल है। बदले हुए टाइमटेबल के साथ स्टूडेंट्स के पास अब तैयारी के लिए सिर्फ के दिन का समय बचा है।

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क्या चाहते हैं स्टूडेंट्स?

स्टूडेंट्स ने मिलकर स्कूल अथॉरिटीज और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों से रिक्वेस्ट की है कि 31 मार्च और 2 मार्च के पेपर के बीच एक और छुट्टी दी जाए ताकि पेपर की तैयारी के लिए 2 दिन का समय मिल सके। शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने कुछ जिलों के स्टूडेंट्स से रिप्रेजेंटेशन मिलने की बात मानी है। हालांकि अभी तक शेड्यूल में और बदलाव के बारे में कोई ऑफिशियल फैसला नहीं हुआ है, लेकिन संभावना है कि शेड्यूल फिर बदला जा सकता है।

2 अप्रैल तक ही चलेंगी यह बोर्ड परीक्षा

बता दें कि कर्नाटक स्कूल एग्जामिनेशन एंड असेसमेंट बोर्ड ने महावीर जयंती की बदली हुई पब्लिक हॉलिडे का हवाला देते हुए 30 मार्च को होने वाली SSLC थर्ड लैंग्वेज (हिंदी) की परीक्षा को टाल दिया था। हिंदी विषय का पेपर अब 31 मार्च, मंगलवार को उसी तय समय पर आयोजित होगा। बाकी सभी परीक्षाएं बिना किसी बदलाव के ओरिजिनल टाइमटेबल के हिसाब से होंगी। कर्नाटक में SSLC परीक्षाएं पूरे राज्य में 18 मार्च को शुरू हुईं थी और 2 अप्रैल तक चलेंगी।