नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर कर्नाटक सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार से एक बड़ी डिमांड की है। दरअसल, राज्य सरकार ने केंद्र के समक्ष अपनी मांग को दोहराते हुए कहा है कि एकेडमिक सेशन 2026 से नीट यूजी परीक्षा को रद्द किया जाए और राज्यों को उनकी मेरिट-बेस्ड कॉमन एंट्रेंस टेस्ट कराने की पावर वापस दी जाए। बता दें कि कर्नाटक सरकार ने अपनी इस मांग को उस वक्त उठाया है जब नीट यूजी 2026 पेपर लीक की वजह से देशभर के छात्रों में नाराजगी है।

CET सिस्टम स्टूडेंट्स का भरोसा था- शरण प्रकाश

शनिवार को राज्य के मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर शरण प्रकाश पाटिल ने एक बयान में इस बात पर जोर दिया कि कर्नाटक राज्य को उसकी वह शक्ति वापस की जाए जिसके तहत कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) फेयर, ट्रांसपेरेंट, स्टूडेंट-फ्रेंडली और मेरिट-ओरिएंटेड एंट्रेंस परीक्षाएं आयोजित कराती थी। मेडिकल शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि कर्नाटक में CET सिस्टम ने दशकों से लाखों काबिल स्टूडेंट्स, खासकर ग्रामीण, मिडिल-क्लास और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के स्टूडेंट्स को मेरिट के आधार पर प्रोफेशनल एजुकेशन के मौके दिलाने में मदद की है।

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‘नीट यूजी विवाद ने स्टूडेंट्स को दिया है ट्रॉमा’

मेडिकल शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में NEET के अनुभव ने पूरे देश में गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। क्वेश्चन पेपर लीक, नकल, ऑर्गेनाइज्ड चीटिंग रैकेट, मैनिपुलेशन, टेक्निकल गड़बड़ियों और सही जवाबदेही की कमी जैसे आरोप बार-बार लगने की वजह से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की क्रेडिबिलिटी को बहुत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नीट यूजी 2026 रद्द किए जाने के फैसले को लेकर एनटीए और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नीट विवाद ने स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स को मेंटल ट्रॉमा दिया है। देश का एजुकेशन सिस्टम नाकाम हो चुका है।

‘CET बहाल होने से छात्रों के हितों की रक्षा होगी’

कर्नाटक के मेडिकल शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार पहले ही भारत सरकार को पत्र लिखकर NEET को खत्म करने और कर्नाटक CET सिस्टम के जरिए एडमिशन कराने की इजाजत मांग चुकी है। उन्होंने केंद्र सरकार से संविधान के फेडरल स्ट्रक्चर का सम्मान करने और राज्यों को KEA जैसी भरोसेमंद एजेंसियों के ज़रिए एंट्रेंस एग्जाम कराने की इजाजत देने की अपील की है। पाटिल ने कहा कि CET सिस्टम को बहाल करने से छात्रों के हितों की रक्षा होगी और एडमिशन प्रोसेस में लोगों का भरोसा फिर से बनेगा।

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सीकर के एक शिक्षक ने एनटीए को इस पेपर लीक की जानकारी 7 मई को एक ईमेल के जरिए भेज दी थी। जिस शिक्षक ने एनटीए को ईमेल भेजा था वह पहले 04 मई की रात को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने कोटा के उद्योग नगर थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की जिसके बाद उन्होंने पेपर लीक की जानकारी ईमेल के जरिए एनटीए को भेज दी। यहां पढ़ें पूरी खबर…