जेईई मेन 2026 सेशन 1 की परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद एक से बढ़कर एक छात्रों की सक्सेस स्टोरी निकलकर सामने आ रही है। ऐसी ही सफलता की एक कहानी ओडिशा के भुवनेश्वर के रहने वाले दो जुड़वां भाइयों की है जिन्होंने जेईई मेन 2026 सेशन की परीक्षा में मार्क्स भी एक जैसे हासिल किए हैं। दोनों भाइयों ने न केवल एक साथ, एक ही किताबों से पढ़ाई की बल्कि इनकी आदतें भी एक जैसी थी और लोग तो हैरान तब हो गए जब इनके नंबर भी एक जैसे आ गए।

दोनों भाइयों के 300 में से आए 285 नंबर

महरुर और मशरूफ राजस्थान के कोटा में रहकर पिछले तीन साल से जेईई की तैयारी कर रहे थे और आखिरकार कड़ी मेहनत का फल उन्हें मिला। दोनों भाइयों ने जेईई मेन क्रैक कर लिया और अब दोनों एक ही संस्थान में एडमिशन भी लेना चाहते हैं। महरुर और मशरूफ को जेईई मेन 2026 में 300 में 285 नंबर मिले हैं और 99.99 परसेंटाइल स्कोर उन्होंने किया है। अब दोनों IIT बॉम्बे में एडमिशन लेना चाहते हैं।

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इन दोनों की खातिर मां ने छोड़ी सरकारी नौकरी

महरुर और मशरूफ की इस उपलब्धि में उनकी मां का योगदान भी बराबर का है क्योंकि पढ़ाई के दौरान बच्चे अकेला महसूस न करें, इसलिए उन्होंने डॉक्टरी का पेशा हमेशा के लिए छोड़ दिया। इन भाइयों की मां ने सरकारी नौकरी भी छोड़ दी और अपने बच्चों के साथ रहीं। महरुर और मशरूफ ने कोटा में रहकर जेईई मेन की तैयारी की। रिजल्ट आने के बाद दोनों के मार्क्स से न केवल परिवार बल्कि कोचिंग संस्थान और साथी छात्र भी हैरान रह गए।

10वीं के बाद दोनों ने किया कोटा का रूख

महरूफ और मसरूर का जन्म 7 मई 2008 को हुआ था। दोनों ने एक ही स्कूल में रहकर पढ़ाई की। दसवीं कक्षा में महरूफ ने 95.2 प्रतिशत जबकि मसरूर ने 97.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद दोनों ने इंजीनियर बनने का लक्ष्य तय किया और जेईई की तैयारी के लिए कोटा आ गए।

इस परीक्षा को पास करने के बाद मसरूर ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा है कि मैं 10वीं के बाद से ही कोटा में हूं और पिछले 3 साल से एक टीचर की गाइडेंस में कोचिंग मटेरियल फॉलो कर रहा था। मैं हमेशा मोटिवेटेड रहा, इसीलिए मैंने JEE Main में अच्छे मार्क्स प्राप्त किए। हम (वह और उसका जुड़वां भाई महरूफ) साथ में पढ़ते थे। हमारा पढ़ाई का टाइम एक जैसा था। हम दोनों ने एक-दूसरे को काफी मोटिवेट किया और एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा।