देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली के दर्श सिक्का ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 10 हासिल की है। उनकी सफलता की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो मानते हैं कि केवल लंबे समय तक पढ़ाई करने से ही सफलता मिलती है।
17 वर्षीय दर्श सिक्का का कहना है कि उन्होंने कभी भी 16 घंटे की पढ़ाई का रूटीन नहीं अपनाया। इसके बजाय उन्होंने पर्याप्त नींद, नियमित ब्रेक, खेलकूद और मानसिक संतुलन को अपनी तैयारी का अहम हिस्सा बनाया।
14-15 घंटे पढ़ाई की कोशिश
दर्श सिक्का ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने एक बार लगातार दो दिन तक 14-15 घंटे पढ़ने की कोशिश की थी। हालांकि यह तरीका उनके लिए कारगर साबित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अत्यधिक पढ़ाई के कारण मानसिक थकान बढ़ गई और समस्या समाधान (Problem Solving) की क्षमता प्रभावित होने लगी। इसके बाद उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए संतुलित अध्ययन पद्धति अपनाई।
JEE Advanced 2026 में हासिल किए 311 अंक
जेईई एडवांस 2026 में दोनों पेपर देने वाले लगभग 1.79 लाख उम्मीदवारों में दर्श सिक्का ने 360 में से 311 अंक प्राप्त कर AIR 10 हासिल की। दर्श दिल्ली के आर.के. पुरम स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) के छात्र हैं और दक्षिण दिल्ली के किदवई नगर क्षेत्र में रहते हैं।
कक्षा 9 से शुरू कर दी थी तैयारी
दर्श की आईआईटी तक की यात्रा अचानक शुरू नहीं हुई। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की प्रेरणा उन्हें कक्षा 9 से ही मिलने लगी थी। उनके कई दोस्त पहले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कठिन सवालों को हल करने में रुचि विकसित की और इंजीनियरिंग को अपने करियर के रूप में चुनने का फैसला किया।
दर्श के अनुसार, “मुझे कठिन प्रश्नों को हल करने में मजा आता था। IIT देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है, इसलिए मैंने इसे अपना लक्ष्य बनाया।”
केमिस्ट्री थी सबसे बड़ी कमजोरी
दर्श ने स्वीकार किया कि तैयारी के दौरान केमिस्ट्री उनका सबसे कमजोर विषय था। शुरुआत में इस विषय में उन्हें काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालांकि लगातार रिवीजन और शिक्षकों के मार्गदर्शन की मदद से उन्होंने अपनी कमजोरियों को दूर किया और प्रदर्शन में सुधार किया।
नहीं की 16 घंटे की पढ़ाई
दर्श सिक्का ने बताया कि उन्होंने कभी भी 16 घंटे पढ़ाई नहीं की और आमतौर पर वह रोजाना लगभग 10 से 11 घंटे पढ़ाई करते थे। उनके अनुसार सफलता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा था पर्याप्त नींद लेना। उन्होंने कहा कि वह रोज कम से कम 7 घंटे की नींद लेने की कोशिश करते थे और परिवार भी इस बात का विशेष ध्यान रखता था कि उनकी नींद पूरी हो।
खेल, दोस्त और परिवार भी बने सफलता की वजह
तैयारी के दौरान दर्श ने केवल पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया बल्कि वह नियमित रूप से दोस्तों के साथ खेलते थे, शतरंज खेलते थे और परिवार के साथ समय बिताते थे। जब कभी मॉक टेस्ट में अंक कम आते या तनाव बढ़ता, तब उनके पिता उन्हें बाहर घूमने या परिवार के साथ समय बिताने की सलाह देते थे। दर्श का मानना है कि लगातार लंबे समय तक पढ़ाई करने के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक लेना अधिक प्रभावी साबित हुआ।
शिक्षकों और दोस्तों का मिला पूरा सहयोग
दर्श ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों, दोस्तों और परिवार को भी दिया, जिसके लिए उनका कहना है कि कोचिंग और स्कूल दोनों जगह का माहौल सकारात्मक था, जिससे तैयारी के दौरान तनाव कम रहा। उन्होंने बताया कि दोस्तों के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और शिक्षकों का मार्गदर्शन लगातार प्रेरणा देता रहा।
कंप्यूटर साइंस में बनाना चाहते हैं करियर
जेईई एडवांस 2026 में शानदार रैंक हासिल करने के बाद दर्श सिक्का अब कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लेना चाहते हैं। उनकी पहली पसंद IIT बॉम्बे और IIT दिल्ली बताई जा रही है।
