जेईई एडवांस 2026 के परिणाम घोषित हो चुके हैं और इस बार ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल कर बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने इतिहास रच दिया है। IIT दिल्ली जोन से परीक्षा देने वाले 18 वर्षीय शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक प्राप्त किए हैं। इससे पहले वे JEE Main 2026 में भी 100 पर्सेंटाइल हासिल कर चुके थे और उनकी ऑल इंडिया रैंक 6 रही थी।
साधारण परिवार से निकलकर देश के टॉपर बने शुभम
शुभम कुमार का जन्म 20 सितंबर 2008 को बिहार के गया में हुआ था। उनके पिता शिवकुमार एक हार्डवेयर व्यवसाय चलाते हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शुभम की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
शुभम ने कहा कि उनके पिता ने उनकी तैयारी के लिए काफी मेहनत की और उनकी सफलता से सबसे ज्यादा खुशी उन्हें अपने पिता के चेहरे पर देखने को मिली।
उन्होंने कहा, “मेरे पिता का व्यवसाय बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन उन्होंने कभी मुझे यह महसूस नहीं होने दिया कि पैसों की कोई समस्या है। मेरी मां ने घर की पूरी जिम्मेदारी संभाली ताकि मैं केवल पढ़ाई पर ध्यान दे सकूं।”
आईआईटी बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस करने का सपना
शुभम पिछले दो वर्षों से एलन करियर इंस्टीट्यूट के क्लासरूम छात्र रहे हैं। दसवीं कक्षा के बाद उन्होंने JEE की तैयारी के लिए कोटा, राजस्थान जाने का फैसला किया था।
अब AIR 1 हासिल करने के बाद उनका अगला लक्ष्यआईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (सीएसई) में बीटेक करना है। उन्होंने बताया कि यह सपना उन्होंने अपनी तैयारी की शुरुआत में ही तय कर लिया था।
बड़ी बहन से मिली प्रेरणा
शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में आईआईटी पटना से कंप्यूटर साइंस में बीटेक कर रही हैं। परिवार में पहले से IIT का माहौल होने के कारण उन्हें इस कठिन परीक्षा की तैयारी और रणनीति को समझने में मदद मिली।
कोटा जाने का फैसला साबित हुआ सही
कोटा में पढ़ाई को लेकर विभिन्न चर्चाओं के बावजूद शुभम और उनके परिवार ने वहां जाकर तैयारी करने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि कोटा का शैक्षणिक माहौल और प्रतिस्पर्धी वातावरण छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है।
शुभम कहते हैं, “अगर अंदर से कुछ करने की इच्छा और मजबूत इच्छाशक्ति हो, तभी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”
सोशल मीडिया से बनाई दूरी
JEE Advanced 2026 के टॉपर शुभम कुमार ने अपनी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। वे केवल माता-पिता और शिक्षकों से संपर्क बनाए रखने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करते थे।
उनके अनुसार, “सोशल मीडिया केवल समय ही नहीं बल्कि मानसिक ऊर्जा भी बर्बाद करता है। इतनी कठिन परीक्षा की तैयारी में हर घंटे का महत्व होता है।”
क्रिकेट और बैडमिंटन से मिलता था तनाव से राहत
लगातार पढ़ाई के बीच शुभम रविवार को क्रिकेट और बैडमिंटन खेलते थे। इसके अलावा तनाव महसूस होने पर वे ध्यान (Meditation) का सहारा लेते थे, जिससे उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रहने में मदद मिलती थी।
JEE Advanced की तैयारी का मंत्र
शुभम प्रतिदिन 8 से 10 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे। हालांकि उनके अनुसार केवल घंटों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि नियमितता और अनुशासन ज्यादा जरूरी है।
उनकी रणनीति में रोज पढ़ाए गए विषय का उसी दिन रिवीजन, बैकलॉग बिल्कुल नहीं बनने देना, कमजोर विषयों पर विशेष फोकस, प्रतिदिन प्रश्नों का अभ्यास, नियमित टेस्ट और विश्लेषण और तनाव प्रबंधन के लिए मेडिटेशन जैसे टॉपिक्स शामिल थे।
उन्होंने कहा, “अगर आप केवल वही प्रश्न हल करते हैं जो पहले से आते हैं, तो आप तैयारी नहीं कर रहे बल्कि प्रदर्शन कर रहे हैं। असली तैयारी उन सवालों के साथ बैठने में है जो आपको कठिन लगते हैं।”
भविष्य के JEE अभ्यर्थियों के लिए संदेश
JEE Advanced 2026 के टॉपर शुभम कुमार का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही दिशा में किया गया प्रयास ही सफलता की कुंजी है।
