जेईई एडवांस 2026 में महिलाओं की भागीदारी और सफलता ने नया इतिहास रच दिया है, जिसमें ऐसा पहली बार हुआ है कि 10,000 से अधिक लड़कियों ने IIT में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की है। इस वर्ष 10,107 महिला उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस परीक्षा क्वालिफाई की है, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

विश्लेषण के अनुसार, JEE Advanced 2026 में परीक्षा देने वाली लगभग हर चार में से एक लड़की सफल रही। महिला उम्मीदवारों की सफलता दर 24.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जो इस परीक्षा के इतिहास में सबसे अधिक है।

2019 के बाद 89% बढ़ी सफल लड़कियों की संख्या

आंकड़ों के मुताबिक 2019 में IIT प्रवेश के लिए 5,356 लड़कियां क्वालिफाई हुई थीं। वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 10,107 पहुंच गई है। यानी सात वर्षों में लगभग 89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में परीक्षा देने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या भी 33,249 से बढ़कर 40,562 हो गई, जो करीब 22 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

JEE Advanced पास करने से IIT सीट मिलना तय नहीं

इस वर्ष करीब 56,000 उम्मीदवारों ने JEE Advanced क्वालिफाई किया है और कॉमन रैंक लिस्ट में जगह बनाई है। हालांकि JEE Advanced पास करने का मतलब सीधे IIT में सीट मिलना नहीं है।

देश के 23 IIT संस्थानों में कुल मिलाकर लगभग 20,000 सीटें उपलब्ध हैं। ऐसे में कई योग्य उम्मीदवारों को IIT में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। हालांकि वे अपने स्कोर के आधार पर NIT, IIIT और अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला ले सकेंगे।

महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की योजना का दिखा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि 2018 में शुरू की गई सुपरन्यूमेरी सीट योजना का सकारात्मक प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इस योजना के तहत महिला उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त सीटें बनाई गई थीं, ताकि IIT में छात्राओं का नामांकन बढ़ाया जा सके। सरकार ने पांच वर्षों में महिला नामांकन को 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, जिसे अब पार कर लिया गया है।

IIT कानपुर के प्रोफेसर ने क्या कहा?

JEE Advanced 2018 के आयोजन अध्यक्ष रहे IIT कानपुर के प्रोफेसर शलभ ने कहा कि छात्राओं ने सरकार द्वारा निर्धारित 20 प्रतिशत लक्ष्य को पार कर यह साबित कर दिया है कि वे IIT शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम हैं।

उन्होंने कहा कि, भले ही सभी योग्य छात्राओं को IIT में प्रवेश न मिले लेकिन उनमें से बड़ी संख्या NIT और अन्य प्रमुख संस्थानों में दाखिला लेकर STEM (Science, Technology, Engineering and Mathematics) क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी।

नए कोर्स भी बने आकर्षण का केंद्र

IIT बॉम्बे के प्रोफेसर दीपांकर चौधरी के अनुसार, IITs में पारंपरिक इंजीनियरिंग शाखाओं के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, ऊर्जा और पर्यावरण और बेसिक साइंस जैसे नए कार्यक्रम शुरू होने से छात्राओं के लिए अवसर बढ़े हैं।

उन्होंने कहा कि अब छात्राओं के पास केवल कंप्यूटर साइंस या इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विकल्प ही नहीं हैं, बल्कि कई इंटरडिसिप्लिनरी और साइंस आधारित कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिससे उनकी रुचि और भागीदारी बढ़ी है।

बढ़ रहा है ‘पीयर इफेक्ट’

IIT दिल्ली के पूर्व निदेशक और बिट्स पिलानी के वर्तमान कुलपति वी. रामगोपाल राव का मानना है कि अधिक छात्राओं के IIT में पहुंचने से अन्य लड़कियों को भी प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने कहा कि जब छात्राएं अपने सीनियर्स और साथियों को IIT में प्रवेश लेते देखती हैं, तो उनके भीतर भी आत्मविश्वास बढ़ता है और वे JEE Advanced जैसी कठिन परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित होती हैं।

JEE Advanced 2026: प्रमुख आंकड़े

परीक्षा में शामिल हुईं लड़कियां: 40,562

क्वालिफाई करने वाली लड़कियां: 10,107

महिला सफलता दर: 24.9%

कुल क्वालिफाई उम्मीदवार: लगभग 56,000

IITs में कुल सीटें: लगभग 20,000

2019 की तुलना में सफल छात्राओं की संख्या में वृद्धि: 89%