जम्मू कश्मीर में इन दिनों बारिश कहर बनकर लोगों पर टूट रही है। कई दिनों से हो रही भारी बारिश ने जम्मू कश्मीर के लोगों का जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बीच इस केंद्र शासित प्रदेश में स्कूलों की छुट्टी को फिर से बढ़ा दिया गया है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए घाटी में स्कूलों की छुट्टियां 26 जुलाई तक बढ़ा दी हैं। रविवार से जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में हो रही भारी बारिश के मद्देनजर ग्रीष्मकालीन अवकाश को आगे बढ़ाया गया है।

दूसरी बार बढ़ाई गई छुट्टियां

बता दें कि जम्मू कश्मीर में गर्मियों की छुट्टियां 20 जुलाई को खत्म हो रही थीं, लेकिन प्रशासन ने 22 जुलाई तक इन छुट्टियों को बढ़ा दिया था और अब फिर से इन छुट्टियों को 26 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है। इसकी जानकारी शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, “छात्रों, शिक्षकों और उनके परिवारों की सुरक्षा एवं कल्याण को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए कश्मीर संभाग के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों तथा जम्मू संभाग के शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 26 जुलाई, 2026 तक बढ़ाया जाता है।”

6 जुलाई से शुरू हुई थीं गर्मियों की छुट्टियां

मंत्री ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करती हूं कि सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना करती हूं।” इससे पहले, भीषण गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए 6 जुलाई को ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया था। स्कूलों को 20 जुलाई से फिर से खोलने का कार्यक्रम तय किया गया था।

दो दिन में 23 लोगों की हो चुकी है मौत

बता दें कि पिछले दो दिनों जम्मू कश्मीर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ।

हालात हिमाचल प्रदेश में भी खराब हैं। वहां लगातार हो रही भारी बारिश से मंगलवार को जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। राज्य में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है। 145 सड़कें बंद हैं। मौसम विज्ञान विभाग ने कांगड़ा, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में गुजरात रेड जोन में, हर 100 में से 15 बच्चे बीच में ही छोड़ दे रहे स्कूल

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट में बीजेपी शासित राज्य गुजरात को ‘रेड जोन’ में रखा गया है और इसकी वजह है यहां के माध्यमिक स्कूलों का ड्रॉप आउट रेट जो कि 15 प्रतिशत से भी अधिक है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात में हर 100 में से 15 से अधिक छात्र माध्यमिक शिक्षा पूरी करने से पहले ही स्कूल छोड़ देते हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर