IIT Kanpur Rakesh Gangwal Donation: इंडिगो के सह-संस्थापक और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने संस्थान को एक बार फिर बड़ी आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। गंगवाल ने आईआईटी कानपुर के गंगवाल स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (GSMST) के विकास के लिए अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस नई राशि के साथ मेडिकल स्कूल के लिए उनका कुल योगदान बढ़कर 400 करोड़ रुपये हो गया है।

मेडिकल स्कूल के विस्तार में खर्च होगी राशि

आईआईटी कानपुर के अनुसार, यह धनराशि संस्थान के मेडिकल एजुकेशन, रिसर्च, क्लिनिकल इनोवेशन और मेडटेक से जुड़े महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। संस्थान का लक्ष्य इंजीनियरिंग, विज्ञान और चिकित्सा को एक साथ लाकर हेल्थकेयर के क्षेत्र में नई तकनीकों और शोध को बढ़ावा देना है।

GSMST की विकास योजना में आईआईटी कानपुर परिसर में 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करना शामिल है। इसके अलावा करीब 200 बेड वाले कैंसर केयर रिसर्च सेंटर की भी योजना है। इन सुविधाओं के जरिए मेडिकल शिक्षा, क्लिनिकल रिसर्च और स्वास्थ्य सेवाओं को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

2022 में भी दिए थे 100 करोड़ रुपये

राकेश गंगवाल का आईआईटी कानपुर से पुराना जुड़ाव है। उन्होंने वर्ष 2022 में मेडिकल स्कूल की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया था। आईआईटी कानपुर के मुताबिक, उस शुरुआती योगदान से संस्थान को मेडिकल स्कूल की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिली थी।

अब अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता से इस परियोजना को और गति मिलने की उम्मीद है। आईआईटी कानपुर ने यह भी बताया है कि गंगवाल अन्य समर्थकों की ओर से आने वाले योगदान के लिए 300 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट देने की व्यवस्था भी करेंगे। इससे संस्थान के पूर्व छात्रों, परोपकारियों और अन्य सहयोगियों को इस परियोजना में योगदान के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस को जोड़ने की पहल

गंगवाल स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (GSMST) को आईआईटी कानपुर की ऐसी पहल के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जहां इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञता को मेडिकल साइंस के साथ जोड़ा जाएगा। इसका फोकस अत्याधुनिक मेडिकल रिसर्च, इंटरडिसिप्लिनरी एजुकेशन और मेडटेक इनोवेशन पर रहेगा।

आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी और मेडिसिन के बीच इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च में स्वास्थ्य सेवाओं को बदलने की बड़ी क्षमता है। उनके अनुसार, गंगवाल का नया योगदान मेडिकल स्कूल की परिकल्पना को जल्द साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

छात्रों और शोधकर्ताओं को क्या फायदा होगा?

इस परियोजना के विकसित होने के बाद मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई और रिसर्च के साथ-साथ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ एक साथ काम करके स्वास्थ्य क्षेत्र की जटिल समस्याओं के समाधान पर शोध कर सकेंगे।

आईआईटी कानपुर की यह पहल खास तौर पर मेडटेक, क्लिनिकल रिसर्च, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडिकल डिवाइस और भविष्य की स्वास्थ्य तकनीकों जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा कर सकती है।

राकेश गंगवाल कौन हैं?

राकेश गंगवाल आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और एयरलाइन कंपनी इंडिगो के सह-संस्थापक हैं। उनका अपने संस्थान के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है। मेडिकल साइंस और टेक्नोलॉजी को जोड़ने वाली इस परियोजना में उनका आर्थिक सहयोग आईआईटी कानपुर के लिए एक महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है।