भारत का रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। पहले नंबर पर अमेरिका, दूसरे पर चीन और तीसरे पर रूस के बाद भारतीय रेल नेटवर्क चौथे स्थान पर है। हमारे रेल नेटवर्क की कुल लंबाई लगभग 68,000 किलोमीटर है। 2017 से पहले रेल बजट को आम बजट से अलग पेश किया जाता था, लेकिन 2016 में मोदी सरकार बनने के बाद इसे आम बजट के साथ ही मिला दिया गया था। भारतीय रेलवे का नेटवर्क देश में नौकरियों के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इस रेल नेटवर्क के संचालन के लिए हर साल भर्तियां की जाती हैं।

19 जोन में बंटा है इंडियन रेलवे नेटवर्क

भारत के रेल नेटवर्क को 19 जोन में बांटा गया है और इन सभी जोन का संचालन एक बहुत बड़ी कार्य प्रणाली के सुचारू ढंग से चलाए जाने के साथ पूरा होता है। हर रेलवे जोन के अंतर्गत कई रेलवे डिवीजन आते हैं, जो अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में रेल नेटवर्क का पूरा संचालन करते हैं। इन डिवीजन का काम यही होता है कि पूरे देश में ट्रेन संचालन, यात्री सुविधाएं, माल परिवहन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को देखा जाए। रेलवे जोन प्रणाली से प्रशासनिक नियंत्रण बेहतर होता है और रेलवे भर्ती, रेलवे परीक्षा, रेलवे जॉब जैसी प्रक्रियाओं में भी पारदर्शिता आती है।

भारतीय रेलवे के 19 जोन, डिवीजन और उनके हेडक्वार्टर

क्रम संख्यारेलवे जोनहेडक्वार्टरइनके अंतर्गत आने वाले राज्य
1Northern Railway (उत्तरी रेलवे)नई दिल्लीदिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर
2North Eastern Railway (उत्तर-पूर्वी रेलवे)गोरखपुरउत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से
3Northeast Frontier Railway (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे)मालीगांव (गुवाहाटी)असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से
4Eastern Railway (पूर्वी रेलवे)कोलकातापश्चिम बंगाल और झारखंड
5South Eastern Railway (दक्षिण पूर्व रेलवे)कोलकाता (गार्डन रीच)पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा
6South Central Railway (दक्षिण मध्य रेलवे)सिकंदराबादतेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्से
7Southern Railway (दक्षिणी रेलवे)चेन्नईतमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, कर्नाटक के कुछ हिस्से
8Central Railway (सेंट्रल रेलवे)मुंबई (CST)महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान के कुछ हिस्से
9Western Railway (वेस्टर्न रेलवे)मुंबई (चर्चगेट)मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट, भावनगर, रतलाम
10East Central Railway (पूर्वी मध्य रेलवे)हाजीपुरबिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से
11East Coast Railway (ईस्ट कोस्ट रेलवे)भुवनेश्वरओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़
12North Central Railway (उत्तर मध्य रेलवे)प्रयागराजउत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान
13North Western Railway (उत्तर पश्चिमी रेलवे)जयपुरराजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से
14South Western Railway (दक्षिण पश्चिमी रेलवे)हुबलीकर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से
15West Central Railway (पश्चिम मध्य रेलवे)जबलपुरजबलपुर, भोपाल, कोटा
16South East Central Railway (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे)बिलासपुरछत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से
17Metro Railway (मेट्रो रेलवे)कोलकाता(कोलकाता मेट्रो संचालन)
18South Coast Railway (दक्षिण कॉस्ट रेलवे)विशाखापट्टनम(गठनाधीन/पुनर्गठन के बाद डिवीजन निर्धारित)
19North Eastern Frontier Railway(अब Northeast Frontier Railway के नाम से)

रेलवे जोन की कार्य प्रणाली और उनकी जिम्मेदारियां

भारतीय रेलवे का सुचारू रूप से संचालन इन 19 जोन से ही होता है। 19 रेलवे जोन और उनके अंतर्गत कार्यरत डिवीजन पूरे देश में रेल संचालन, यात्री सुविधाएं, माल परिवहन और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर का कामकाज संभालते हैं। साथ ही इन जोन और डिवीजन की जिम्मेदारी होती है कि रेलवे भर्ती, रेलवे परीक्षा, रेलवे जॉब जैसी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुचारु व्यवस्था बनाई जाए। यही कारण है कि भारतीय रेलवे न केवल यात्रियों के लिए बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है।

रेलवे जोन का प्रमुख कौन होता है और उसकी जिम्मेदारियां क्या होती हैं?

देश में रेलवे के 19 जोन को चलाने के लिए हर जोन का एक प्रमुख होता है जिसे महाप्रबंधक (GM) कहा जाता है। हर जोन के महाप्रबंधक की जिम्मेदारी उस जोन के प्रशासन, संचालन, सुरक्षा, वित्त और विकास कार्यों को संभालने की होती है। इसके बाद उन जोन के अंदर जो डिवीजन होते हैं उनका प्रमुख डिवीजनल रेल प्रबंधक यानी DRM होता है। सभी DRM महाप्रबंधक के ही अधीन कार्य करते हैं।

महाप्रबंधक (GM) की नियुक्ति कैसे होती है?

रेलवे जोन के प्रमुख यानी महाप्रबंधक की नियुक्ति भारत सरकार की ओर से ही की जाती है। इस पद के लिए व्यक्ति का चयन आमतौर पर वरिष्ठ भारतीय रेलवे सेवा (IRMS/पूर्व में IRSE, IRSME, IRSEE, IRTS आदि) के अधिकारियों में से किया जाता है। यह प्रक्रिया रेलवे बोर्ड की सिफारिश पर होती है।