IIT Scholarship 2026: देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिला हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन शानदार रैंक वाले छात्रों के लिए कुछ आईआईटी आर्थिक मदद का भी खास इंतजाम कर रहे हैं। JEE Advanced, GATE और JAM जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अलग-अलग संस्थानों में स्कॉलरशिप या फेलोशिप दी जा रही है।
इन योजनाओं में कहीं सालाना लाखों रुपये की मदद मिल रही है तो कहीं हर महीने हजारों रुपये की फेलोशिप। खास बात यह है कि कुछ योजनाएं केवल रैंक के आधार पर हैं, जबकि कुछ में पारिवारिक आय और कॉलेज में लगातार अच्छे प्रदर्शन जैसी शर्तें भी लागू हैं।
IIT Kharagpur: GATE टॉपर्स को हर महीने 90 हजार तक
आईआईटी खड़गपुर ने अपने प्लेटिनम जुबली वर्ष के मौके पर डायरेक्टर की प्लेटिनम जुबली एक्सीलेंस फेलोशिप (DPEF) शुरू की है। इसका लाभ खास तौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को देने का प्रावधान है।
GATE 2026 में टॉप 50 रैंक हासिल करने वाले ऐसे उम्मीदवार जो आईआईटी खड़गपुर में पीएचडी करने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें इस फेलोशिप के तहत पहले दो साल 80,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे। इसके बाद अगले तीन वर्षों के लिए राशि बढ़कर 90,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी।
इसका मतलब है कि पात्र पीएचडी उम्मीदवार को पांच साल की अवधि में काफी बड़ा वित्तीय सहयोग मिल सकता है। हालांकि, इसके लिए आईआईटी खड़गपुर की पीएचडी प्रवेश पात्रता पूरी करना जरूरी होगा। खास बात यह है कि इस फेलोशिप के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा; पात्र उम्मीदवार संस्थान की चल रही पीएचडी एडमिशन प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
JAM टॉपर्स को भी फायदा
आईआईटी खड़गपुर ने डीपीईएफ का दायरा केवल गेट तक सीमित नहीं रखा है। जेएएम 2026 में रैंक 1 से 50 तक आने वाले और आईआईटी खड़गपुर में मास्टर डिग्री के लिए दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को भी इस पहल में शामिल किया गया है।
IIT Kanpur: छात्रों को 3 लाख रुपये सालाना
आईआईटी कानपुर की ब्राइट माइंड्स स्कॉलरशिप जेईई एडवांस्ड के शानदार प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए है। इसके तहत जेईई एडवांस्ड की ऑल इंडिया रैंक 1 से 100 के बीच आने वाले और आईआईटी कानपुर के बीटेक या बीएस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्रों को लाभ मिलता है।
चयनित विद्यार्थियों को हर साल 3 लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाती है। यह लाभ चार साल के अंडरग्रेजुएट कार्यक्रम तक जारी रह सकता है, लेकिन इसके लिए विद्यार्थी को कम से कम 8.0 सीपीआई बनाए रखना होता है।
आईआईटी कानपुर के अनुसार, इस राशि में 2 लाख रुपये ट्यूशन फीस के लिए और 1 लाख रुपये हॉस्टल, मेस, किताबों, मेडिकल इंश्योरेंस और अन्य खर्चों के लिए निर्धारित हैं। यानी जेईई एडवांस्ड में टॉप रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थी के लिए यह स्कॉलरशिप सिर्फ प्रवेश के समय मिलने वाला पुरस्कार नहीं है, बल्कि पढ़ाई के दौरान भी आर्थिक बोझ कम कर सकती है।
IIT Roorkee: 25 हजार रुपये महीना
आईआईटी रुढ़की में जेईई एडवांस्ड में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए जेम्स थॉमसन स्कॉलरशिप उपलब्ध है। संस्थान की जानकारी के मुताबिक, जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 250 तक हासिल करने वाले और आईआईटी रुढ़की में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी इसके लिए पात्र हो सकते हैं।
इस स्कॉलरशिप के तहत 25,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। हालांकि इसे जारी रखने के लिए केवल प्रवेश के समय की रैंक पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थी को हर शैक्षणिक वर्ष के अंत में 8.0 या उससे अधिक सीजीपीए बनाए रखना होता है। इस तरह यहां स्कॉलरशिप को विद्यार्थी के आगे के अकादमिक प्रदर्शन से भी जोड़ा गया है।
IIT Delhi: सिर्फ रैंक नहीं, परिवार की आय भी अहम
आईआईटी दिल्ली में भी जेईई एडवांस्ड के प्रदर्शन के आधार पर कुछ स्कॉलरशिप उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें आर्थिक स्थिति को भी महत्व दिया जाता है। अमित और दीपाली सिन्हा फाउंडेशन स्कॉलरशिप बीटेक या डुअल-डिग्री प्रोग्राम में पढ़ने वाले प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए है। इसके लिए जेईई एडवांस्ड रैंक के आधार पर 15 विद्यार्थियों का चयन किया जाता है।
इसके साथ परिवार की सालाना आय 9 लाख रुपये से कम होना जरूरी है। पात्र विद्यार्थी विद्या लक्ष्मी लोन स्कीम का लाभ नहीं ले रहा होना चाहिए। यानी इस स्कॉलरशिप में मेधा और आर्थिक जरूरत, दोनों को आधार बनाया गया है।
IIT Delhi में फुल-राइड फेलोशिप
आईआईटी दिल्ली को पूर्व छात्र डॉ. अमित सिन्हा की ओर से 10 करोड़ रुपये का एंडोमेंट भी मिला है। इससे हर साल संस्थान में दाखिला लेने वाले जेईई एडवांस्ड के टॉप प्रदर्शन करने वाले पांच अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए फुल-राइड फेलोशिप स्थापित की गई है। इन पांच में से एक फेलोशिप शीर्ष महिला जेईई रैंक धारक के लिए निर्धारित है। इसका उद्देश्य खास तौर पर STEM क्षेत्रों में छात्राओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
सिर्फ आईआईटी में सीट मिलना ही फायदा नहीं
जेईई एडवांस्ड, गेट और जेएएम जैसी परीक्षाओं में अच्छी रैंक हासिल करने का फायदा केवल मनचाहे संस्थान में प्रवेश तक सीमित नहीं रह गया है। कई आईआईटी अब बेहतर प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों को संस्थान से जोड़ने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी दे रहे हैं।
हालांकि हर स्कॉलरशिप के नियम अलग हैं। कहीं परीक्षा रैंक मुख्य आधार है, तो कहीं आय सीमा, सीपीआई/सीजीपीए या संस्थान की अन्य पात्रता शर्तें भी लागू होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन या एडमिशन से पहले संबंधित IIT की आधिकारिक शर्तें जरूर देखनी चाहिए।
GATE करने वालों के लिए बड़ा फायदा
गेट केवल आईआईटी में एमटेक या अन्य पीजी कार्यक्रमों में प्रवेश का रास्ता नहीं है। वैध गेट स्कोर के आधार पर कई कार्यक्रमों में वित्तीय सहायता भी मिल सकती है। गेट 2027 की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एमटेक छात्रों के लिए वित्तीय सहायता सामान्यतः 12,400 रुपये प्रति माह और डायरेक्ट पीएचडी के लिए पहले दो साल 37,000 रुपये प्रति माह, इसके बाद तीन साल 42,000 रुपये प्रति माह तक है। हालांकि ये सामान्य वित्तीय सहायता प्रावधान हैं और किसी आईआईटी की विशेष मेरिट फेलोशिप से अलग हो सकते हैं।
आईआईटी कानपुर भी अपने पात्र एमटेक, एमएस और पीएचडी विद्यार्थियों को संस्थान सहायता-वृत्ति देता है। वहां एमटेक आदि के लिए 12,400 रुपये मासिक और पीएचडी छात्रों के लिए पहले दो साल 37,000 रुपये तथा बाद के तीन साल 42,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
