केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के OSM विवाद के बीच आईआईटी संस्थानों में एडमिशन के लिए किसी भी तरह की छूट संस्थानों की ओर से नहीं दी जाएगी। गुरुवार (04 जून 2026) को आईआईटी रुड़की ने ऐसी सभी संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया। दरअसल, अभी तक इस बात की चर्चा थी कि क्या IIT संस्थान इस साल JEE एडमिशन के लिए 75% एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में किसी तरह की छूट प्रदान करेंगे? आईआईटी रुड़की ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि मार्क्स को लेकर निर्धारित एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

क्या कहा आईआईटी रुड़की ने?

IIT रुड़की ने ANI को दिए एक बयान में कहा है, “मार्क्स में कोई ढील नहीं दी जाएगी क्योंकि 36 अलग-अलग बोर्ड के स्टूडेंट आईआईटी संस्थानों की दाखिला प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। हमने यह क्राइटेरिया लगभग दिसंबर में ही पब्लिश कर दिया था और पिछले साल कुछ स्टूडेंट्स मुख्य रूप से परसेंटेज की वजह से IIT/NIT सीटें खो बैठे थे। इसलिए इसे कम करना मुमकिन नहीं है।”

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संस्थान ने OSM विवाद को लेकर कहा कि हम मार्क्स क्राइटेरिया में कोई बदलाव नहीं करेंगे, लेकिन हम CBSE के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन सभी प्रभावित कैंडिडेट के लिए इसे प्रायोरिटी पर हल करने की कोशिश करेंगे।

जेईई (JEE Advanced) के जरिए IIT में एडमिशन का 75% नियम क्या है?

बता दें कि आईआईटी संस्थान में एडमिशन के लिए जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड दो प्रमुख परीक्षा होती हैं। इस परीक्षा को क्वालीफाई करने वाले कैंडिडेट्स आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), IIIT और जीएफटीआई (GFTI) में एडमिशन के लिए पात्र होते हैं, लेकिन एडमिशन उन्हीं उम्मीदवारों को मिलता है जिनके 12वीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75% (जनरल कैटेगिरी के लिए), SC/ST/PwD के लिए 65 फीसदी अंक या अपने बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल में नाम आना अनिवार्य है। पहले 75 फीसदी वाला ही नियम लागू था, लेकिन बाद में टॉप 20 परसेंटाइल का नियम जोड़ दिया गया।

क्या है सीबीएसई का OSM विवाद?

सीबीएसई बोर्ड 12वीं का रिजल्ट आने के बाद अपने मार्क्स से असंतुष्ट छात्रों ने स्कैन की गई आंसर शीट के लिए रिक्वेस्ट डाली तो बोर्ड की ओर से जो उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई गईं उनमें गड़बड़ी की बात सामने आई। कई छात्रों ने यह शिकायत दर्ज कराई कि जो कॉपी उन्हें मिली है वह उनकी नहीं है। ऐसे मामले सामने आने के बाद तो हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने अपनी स्कैन कॉपी के लिए रिक्वेस्ट डाल दी और फिर CBSE के OSM सिस्टम की पोल खोल गई।