IIT Kharagpur News: देश के पहले आईआईटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी खड़गपुर ने अपनी स्थापना के 75 साल पूरे होने के मौके पर अगले 75 वर्षों के लिए बड़ा विजन पेश किया है। संस्थान ने कैंपस के आधुनिकीकरण से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक, नई PhD व्यवस्था, स्टार्टअप और इनोवेशन तक कई बड़े बदलावों की घोषणा की है।
संस्थान अगले कुछ वर्षों में अपने 75 साल पुराने कैंपस को आधुनिक बनाने के लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना पर काम करेगा। इसमें नए रेजिडेंशियल, अकादमिक, रिसर्च, वेलनेस और स्टूडेंट एक्टिविटी स्पेस विकसित किए जाएंगे।
अगले 75 साल के पांच बड़े स्तंभ
प्लेटिनम जुबली समारोह के दौरान आईआईटी खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने संस्थान के भविष्य के लिए पांच प्रमुख स्तंभों वाला रोडमैप सामने रखा। इसमें पीपल फर्स्ट, एजुकेशन 5.0, इनोवेशन एंड एंटरप्राइज, हेल्थकेयर और अफोर्डेबल डीप टेक में फ्रंटियर कन्वर्जेंस तथा इंफ्रास्ट्रक्चर और कैंपस एज ए लिविंग लेबोरेटरी शामिल हैं। इसका मकसद आईआईटी खड़गपुर को आने वाले दशकों में शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में और अधिक मजबूत संस्थान के रूप में विकसित करना है।
Education 5.0 में क्या बदलेगा?
आईआईटी खड़गपुर के नए विजन में एजुकेशन 5.0 को प्रमुख स्थान दिया गया है। इसके तहत शिक्षा को केवल पारंपरिक डिग्री और क्लासरूम तक सीमित रखने के बजाय टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और इंडस्ट्री की जरूरतों के साथ जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।
संस्थान ने छात्रों के लिए इंट्रा-आईआईटी स्टूडेंट मोबिलिटी ग्रिड, डबल मेजर और नए एडमिशन पाथवे शुरू करने की योजना भी बताई है। स्कोप (ScOpE) और स्पोर्ट्स एक्सीलेंस के माध्यम से नए प्रवेश मार्ग विकसित किए जाएंगे। वहीं कृति पहल के तहत स्कूल छात्रों और युवा इनोवेटर्स को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और रिसर्च सुविधाओं से शुरुआती स्तर पर जोड़ने की योजना है।
AI और Deep Tech पर विशेष फोकस
भविष्य की टेक्नोलॉजी को देखते हुए आईआईटी खड़गपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप टेक को अपनी योजना के केंद्र में रखा है। संस्थान ने AI, शिक्षा, जियोलॉजी और माइनिंग, रिसर्च तथा भविष्य की AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की है।
इनमें अगली पीढ़ी के एंटरप्रेन्योरशिप के लिए शिक्षा और स्किलिंग में AI के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, AI-सक्षम जियोलॉजिकल और माइनिंग सिस्टम के लिए विक्रम सोढी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CATER) और भविष्य के लिए तैयार AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शामिल हैं। इसके अलावा क्वांटिटेटिव जीनोमिक एनालिटिक्स और एप्लाइड थेरानोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में भी नए सेंटर विकसित किए जाएंगे।
PhD के लिए नए रास्ते
आईआईटी खड़गपुर ने रिसर्च और पीएचडी के क्षेत्र में भी कई नई पहल घोषित की हैं। इनमें इनोवेशन-केंद्रित PhD प्रोग्राम और IIT खड़गपुर-Arc180 इनोवेशन फेलो से पीएचडी का रास्ता शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पीएचडी रिसर्च को केवल अकादमिक प्रकाशनों तक सीमित न रखकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, स्टार्टअप, वेंचर क्रिएशन और इंडस्ट्री से जोड़ना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संस्थान ने नई साझेदारियों की योजना बताई है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के साथ पहला डुअल-अवार्ड पीएचडी कोहोर्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ बोर्डो के साथ डुअल डॉक्टरेट पहल की घोषणा की गई है।
300 से ज्यादा पोस्टडॉक्टरल फेलो
रिसर्च क्षमता बढ़ाने के लिए आईआईटी खड़गपुर ने अगले छह महीनों में 300 से अधिक पोस्टडॉक्टरल फेलो को कैंपस में लाने की योजना बताई है। संस्थान ने 216 फैकल्टी सदस्यों के चयन और 123 कर्मचारियों की भर्ती की जानकारी भी दी है। इसके साथ रिसर्च एक्सीलेंस सपोर्ट बैंक, फैकल्टी रिसर्च लॉन्च क्रेडिट और स्टाफ डेवलपमेंट फंड जैसे पहले भी शुरू हो रहे हैं।
Mental Health और Wellness पर फोकस
आईआईटी खड़गपुर के नए रोडमैप में छात्र कल्याण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। संस्थान ने करीब 43.38 करोड़ रुपये की लागत से सेतु वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना बताई है। यह सेंटर करीब 5,345 वर्ग मीटर में विकसित किया जाएगा। इसमें SETU ऐप, 24 घंटे मनोरोग देखभाल, फैकल्टी मेंटर और हॉल-लेवल वेलनेस वालंटियर जैसी सुविधाएं शामिल करने की योजना है।
कॉलेजों के साथ Outreach Network
आईआईटी खड़गपुर का विस्तार केवल अपने कैंपस तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान ने 200 से अधिक कॉलेजों के साथ आउटरीच कोर्स नेटवर्क बनाने की योजना बताई है। इसके अलावा ह्यूस्टन और दुबई में रणनीतिक आउटरीच केंद्रों की योजना भी सामने रखी गई है। बांग्ला में डेटा साइंस जैसे ऑनलाइन कार्यक्रम और विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख महिलाओं को सशक्त बनाने वाली पहल भी संस्थान के सैद्धांतिक विस्तार का हिस्सा होंगी।
कैंपस को बनाया जाएगा ‘Living Laboratory’
आईआईटी खड़गपुर के नए रोडमैप में इंफ्रास्ट्रक्चर को केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रखा गया है। संस्थान कैंपस को लिविंग लेबोरेटरी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करेगा।
इसके तहत आधुनिक अकादमिक और रिसर्च सुविधाओं के साथ छात्र गतिविधियों, आवास और वेलनेस से जुड़े स्पेस विकसित किए जाएंगे। करीब 1,000 करोड़ रुपये के कैंपस आधुनिकीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य 75 साल पुराने कैंपस को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।
नए विजन का छात्रों पर क्या असर होगा?
अगर इन योजनाओं को निर्धारित तरीके से लागू किया जाता है, तो आईआईटी खड़गपुर के छात्रों को पढ़ाई के साथ रिसर्च, AI, डीप टेक, स्टार्टअप और इंडस्ट्री कनेक्शन के अधिक अवसर मिल सकते हैं।
खासकर नए पीएडची पाथवेज से उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो रिसर्च को स्टार्टअप या टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ जोड़ना चाहते हैं। वहीं स्कूल छात्रों के लिए KRITI जैसी पहल उन्हें कम उम्र में ही अत्याधुनिक रिसर्च से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकती है।
