आइआइटी जोधपुर ने शुरू किया नया बीटेक पाठ्यक्रम

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी),जोधपुर ने दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाह डिजाइन जैसे बड़े पैमाने पर एकीकृत बुनियादी ढांचे से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल करके सिविल एवं अवसंरचना अभियांत्रिकी में बीटेक कार्यक्रम शुरू किया है।

आईआईटी जोघपुर। फाइल फोटो।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी),जोधपुर ने दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाह डिजाइन जैसे बड़े पैमाने पर एकीकृत बुनियादी ढांचे से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल करके सिविल एवं अवसंरचना अभियांत्रिकी में बीटेक कार्यक्रम शुरू किया है।

भारत में अन्य सिविल इंजीनियरिंग कार्यक्रमों के विपरीत यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को बुनियादी ढांचे की योजना और डिजाइन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीनों के अलावा अन्य कई विषयों के बारे में बेहतर ज्ञान उपलब्ध कराएगा। संस्थान के एक अधिकारी के मुताबिक हमारे कार्यक्रम में एक पाठ्यक्रम संरचना है जो इन उन्नत परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों के साथ पारंपरिक सिविल इंजीनियरिंग को शामिल और एकीकृत करती है। इस तरह, हम अगली पीढ़ी के सिविल इंजीनियरों का निर्माण कर रहे हैं। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को नियमित बीटेक डिग्री के अलावा ‘स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर’ या ‘पर्यावरण इंजीनियरिंग’ में विशेषज्ञता हासिल करने में भी सक्षम है।

एनआइओएस ने डीएलएड परीक्षा के लिए पंजीकरण शुरू किए
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) की ओर से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और डीएलएड (आफलाइन) की अक्तूबर-नवंबर 2021 परीक्षाओं के लिए पंजीकरण की तारीखों की घोषणा कर दी है। संस्थान के मुताबिक डीएलएड और वोकेशनल के विद्यार्थी परीक्षाओं के लिए एक से 20 नवंबर 2021 बिना विलंब शुल्क के आवेदन कर पाएंगे।

इसके बाद, 100 रुपए प्रति विषय के विलंब शुल्क के साथ विद्यार्थी 21 से 25 नवंबर तक पंजीकरण कर पाएंगे। हालांकि, अक्तूबर-नवंबर 2021 परीक्षाओं के लिए 25 नवंबर तक भी पंजीकरण कर पाने वाले डीएलएड और वोकेशनल के विद्यार्थियों को एनआइओएस द्वारा एक और मौका दिया जाएगा। विद्यार्थी 1,500 रुपए समेकित विलंब शुल्क के साथ परीक्षा के लिए पंजीकरण 26 नवंबर से 30 नवंबर तक कर पाएंगे।

सीआइएससीई ने दसवीं और बारहवीं का परीक्षा कार्यक्रम जारी किया

काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआइएससीई) से संबद्ध देश भर के स्कूलों में शैक्षणिक वर्ष 2021-22 के दौरान बारहवीं और दसवीं की पहले सत्र की परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी हैं। कार्यक्रम के अनुसार बारहवीं के पहले सत्र की परीक्षाओं का आयोजन 22 नवंबर से किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सुझावों के अनुसार किया जाएगा। पहले सत्र की परीक्षाओं के दौरान विद्यार्थियों बहुविकल्पीय सवालों पर आधारित पेपर दिए जाएंगे।

परीक्षा की अवधि डेढ़ घंटा होगी। बारहवीं की परीक्षाएं 20 दिसंबर को खत्म हो जाएंगी। इसी प्रकार दसवीं की पहले सत्र की परीक्षाएं एग्जाम के लिए जारी कार्यक्रम और गाइडलाइंस के अनुसार, 10वीं कक्षा की भी परीक्षाएं बहुविकल्पीय सवालों पर आधारित होंगी। हालांकि हिंदी, गणित, कला और भाषाओं की परीक्षाओं के अलावा अन्य विषयों की परीक्षाएं एक घंटे की होंगी। दसवीं की परीक्षाएं 20 नवंबर से शुरू होकर 16 दिसंबर तक आयोजित की जाएंगी।
चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम अधिसूचित

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने चार वर्षीय एकीकृत अध्यापक शिक्षा कार्यक्रम (आइटीईपी) को अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत बीए बीएड/बीएससी बीएड और बीकाम बीएड पाठ्यक्रम पेश किया गया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अध्यापक शिक्षा से संबंधित किए गए प्रमुख प्रावधानों में से एक है। इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत 2022-23 सत्र से हो जाएगी।

एनईपी 2020 के अनुसार 2030 से शिक्षकों की भर्ती केवल आइटीईपी के माध्यम से होगी। इसे शुरू में देश भर के लगभग 50 चयनित बहु-विषयक संस्थानों में प्रायोगिकी परियोजना के रूप में पेश किया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने इस पाठ्यक्रम को ऐसे तैयार किया है कि यह एक छात्र-शिक्षक को शिक्षा में डिग्री के साथ-साथ अन्य विशेषीकृत विषयों में डिग्री प्राप्त करने में सक्षम बनाता है।

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