पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के पीछे संगठनात्मक रणनीति को लेकर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) कलकत्ता एक केस स्टडी बना रहा है। मंगलवार को संस्थान की ओर से यह जानकारी दी गई। इंस्टीट्यूट की ओर से कहा गया कि बंगाल में बीजेपी की जीत संगठन की चुनावी रणनीति और प्रबंधन के सिद्धांतों के आधार पर थी इसीलिए संस्थान की ओर से जो केस स्टडी तैयारी की जा रही है उसका इस्तेमाल एकेडमिक मकसद के लिए किया जाएगा और मैनेजमेंट स्टूडेंट्स को नॉन-बिजनेस सेटिंग में स्ट्रैटेजी, ऑर्गेनाइजेशनल क्षमता और लीडरशिप के बारे में सिखाया जाएगा।
भारत और विदेश के बिजनेस स्कूलों में पढ़ाई जाएगी यह केस स्टडी
संस्थान ने बताया कि इस केस स्टडी का इस्तेमाल मैनेजमेंट के छात्रों को रणनीति, संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व से जुड़े विषय पढ़ाने के साथ एकेडमिक रिसर्च के लिए किया जाएगा। इस केस स्टडी को IIM कलकत्ता के डायरेक्टर प्रोफेसर आलोक कुमार राय, स्ट्रैटेजी ग्रुप की प्रोफेसर राम्या टी वेंकटेश्वरन और ऑपरेशंस ग्रुप के रिटायर्ड प्रोफेसर बोधिब्रत नाग तैयार कर रहे हैं। इसके पूरा होने के बाद इसे IIM कलकत्ता केस रिसर्च सेंटर के जरिए आइवी पब्लिशिंग के साथ मिलकर पब्लिश किया जाएगा ताकि यह भारत और विदेश के बिजनेस स्कूलों और मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन्स के लिए उपलब्ध हो सके।
क्या-क्या होगा इस केस स्टडी में?
इंस्टीट्यूट के मुताबिक, केस स्टडी पश्चिम बंगाल में BJP के कैंपेन के ऑर्गेनाइजेशनल और स्ट्रैटेजिक पहलुओं की जांच करेगी। इसका मकसद यह एनालाइज करना है कि कैंपेन के दौरान संगठनात्मक ढांचा, लीडरशिप और मैनेजमेंट प्रिंसिपल्स का इस्तेमाल कैसे किया गया और क्या वे ऐसे सबक देते हैं जिन्हें मैनेजमेंट एजुकेशन में लागू किया जा सकता है।
अमित शाह से बात कर सकती है टीम
रिसर्च के लिए संस्थान की टीम ने पश्चिम बंगाल के लिए BJP के चुनाव इंचार्ज सुनील बंसल, पार्टी के पश्चिम बंगाल प्रेसिडेंट समिक भट्टाचार्य और पूर्व राज्य प्रेसिडेंट सुकांत मजूमदार से बातचीत की है। रिसर्चर स्टडी के लिए और नजरिए इकट्ठा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।
