ICAI CA फाउंडेशन परीक्षा मई 2026 में 18 साल की साक्षी जैन ने 400 में से 371 मार्क्स लाकर ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। साक्षी को यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत की वजह से मिली है। साक्षी ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में बताया है कि जब उन्होंने अपना रिजल्ट चेक किया तो उन्हें अपने परिणाम पर विश्वास ही नहीं हुआ। साक्षी ने बताया कि उन्हें लॉ के पेपर में फेल होने का डर था, इसलिए उन्हें यह विश्वास ही नहीं कि उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है।
‘पेपर देखकर 20 मिनट तक पैनिक में थी’
इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में साक्षी जैन ने बताया कि एग्जाम वाले दिन वह पेपर देखकर बहुत ज्यादा डर गई थीं और 15-20 मिनट तक पैनिक में रही थीं। साक्षी ने बताया कि पेपर बहुत लंबा और मुश्किल था। साक्षी के मुताबिक, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर लेंगी, क्योंकि उन्हें डर था कि वह लॉ के पेपर में फेल हो सकती हैं।
सीए को लक्ष्य कब बनाया?
साक्षी ने बताया कि फाइनेंस में उनकी दिलचस्पी क्लास 9 के बाद आई थी और तभी उन्होंने यह पक्का कर लिया था कि वह 10वीं के बाद कॉमर्स स्ट्रीम का चयन करेंगी और आगे जाकर सीए की तैयारी करेंगी। सीए को लक्ष्य बनाकर ही उन्होंने 10वीं की तैयारी की थी और 10वीं में इतने मार्क्स हासिल किए थे कि उन्हें 11वीं में कॉमर्स मिल गई।
लॉ सब्जेक्ट साक्षी के लिए रहा चैलेंज
साक्षी ने कहा कि मुझे साइंस, जियोग्राफी या किसी और सब्जेक्ट में कोई दिलचस्पी नहीं थी। मुझे पता था कि मुझे क्या चाहिए। 10वीं के बाद सीए की तैयारी के लिए साक्षी नासिक चली गई थीं। क्लास 11 तक वह मॉक टेस्ट दे रही थी और अपनी कमजोरियों को समझने और अपनी ताकत को बेहतर करने के लिए रेगुलर रिविजन कर रही थी। सीए की तैयारी के दौरान उन्हें सभी सब्जेक्ट पसंद थे, लेकिन लॉ में उन्हें हमेशा से डर लगता था।
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12वीं बोर्ड एग्जाम के समय छोड़ दी थी सीए की तैयारी
साक्षी ने बताया कि 12वीं बोर्ड एग्जाम के दौरान उन्होंने लगभग तीन महीने के लिए CA फाउंडेशन की तैयारी रोक दी थी और BYK कॉलेज ऑफ कॉमर्स में 96 परसेंट के साथ टॉप किया। फरवरी में बोर्ड खत्म होने के बाद उन्होंने उसने CA की पढ़ाई फिर से शुरू की और आखिरी तीन महीने मई फाउंडेशन टेस्ट के लिए रिविजन और प्रैक्टिस में लगाए।
साक्षी ने इस उपलब्धि का श्रेय पैरेंट्स को दिया
ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल करने के पीछे का श्रेय साक्षी ने अपने पैरेंट्स को दिया। उन्होंने कहा कि पैरेंट्स की गाइडेंस की वजह से वह यहां तक पहुंची। उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता हमेशा मेरे इमोशनल सपोर्ट का सोर्स थे।” CA फील्ड में महिलाओं की कम भागीदारी को लेकर साक्षी ने कहा कि मेरा मानना है कि अगर आप महिलाओं को वही रिसोर्स और सपोर्ट दें तो वे असल में और भी बड़ी ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।”
क्रिकेट लवर हैं साक्षी जैन
पढ़ाई के अलावा साक्षी को क्रिकेट देखना और दोस्तों के साथ बातें करना पसंद है। साक्षी ने अब सीए इंटर की तैयारी शुरू कर दी है और उन्होंने मई 2027 में एग्जाम देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने आगे कहा है कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी जैसी फील्ड आपको अपनी जिंदगी में सब कुछ पाने का प्लेटफॉर्म दे सकती है।
