भारत से इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) डिप्लोमा प्रोग्राम (DP) और करियर-रिलेटेड प्रोग्राम (CP) एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। IB की ओर से शेयर किए गए डेटा के मुताबिक, इस साल कुल 6,265 स्टूडेंट्स ने डिप्लोमा प्रोग्राम और करियर-रिलेटेड प्रोग्राम के लिए आवेदन किया था। यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले थोड़ा बढ़ा है। पिछले साल 6,083 स्टूडेंट्स ने यह इन कोर्सेस के लिए आवेदन किया था। 2024 में यह संख्या 5,672 थी।
IB के ये आंकड़े पिछले तीन सालों में पार्टिसिपेशन में लगातार बढ़ोतरी दिखाते हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, यह 3 फीसदी की बढ़ोतरी है। भले ही भारत में स्टूडेंट्स का एवरेज DP स्कोर लगातार ग्लोबल एवरेज से ज्यादा रहा है। दुनिया भर में मई 2026 सेशन में 209,607 स्टूडेंट्स ने DP और CP कोर्स के लिए आवेदन किया था। 2025 में यह संख्या 202,102 थी और 2024 में 192,866 स्टूडेंट्स ने इन कोर्सेस के लिए आवेदन किया।
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बता दें कि इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (IB) का डिप्लोमा प्रोग्राम (DP) भारत के पारंपरिक स्कूल बोर्डों से अलग है। जहां अधिकांश भारतीय बोर्डों में साल के अंत की लिखित परीक्षा के आधार पर रिजल्ट तैयार होता है तो वहीं IB में लिखित परीक्षा के साथ-साथ इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट, कोर्सवर्क और रिसर्च वर्क को भी अंतिम मूल्यांकन में शामिल किया जाता है।
IB का डिप्लोमा प्रोग्राम (DP) भारत में आम तौर पर कक्षा 12वीं के बराबर माना जाता है। वहीं, IB के मिडिल इयर्स प्रोग्राम (MYP), जिसे मोटे तौर पर कक्षा 10 के समान माना जाता है। इसके मई 2026 सेशन के परिणाम 1 अगस्त को जारी किए जाएंगे। IB के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय छात्रों ने लगातार तीसरे साल वैश्विक औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। साल 2026 में भारत का औसत DP स्कोर 32.78 अंक रहा, जबकि दुनिया भर का औसत स्कोर 30.88 अंक था।
इससे पहले 2025 में भारतीय छात्रों का औसत स्कोर 32.75 अंक था, जबकि वैश्विक औसत 30.62 अंक रहा। वहीं, 2024 में भारत का औसत स्कोर 32.51 अंक था, जबकि दुनिया का औसत 30.32 अंक दर्ज किया गया।
