हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सीबीएशई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि 3,468 शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। सरकार का लक्ष्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और हिमाचल प्रदेश को देश का अग्रणी शिक्षा केंद्र बनाना है।
इतने पदों पर होगी भर्ती
शिक्षा मंत्री के अनुसार भर्ती में कुल 3,468 पद शामिल हैं। इनमें 2,668 नियमित शिक्षक पद और 800 अस्थायी शिक्षक पद शामिल हैं। नियमित पदों का प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग, हमीरपुर को भेजा जा चुका है। वहीं, 800 अस्थायी पदों पर 400 अंग्रेजी और 400 गणित शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। इनमें से अधिकांश शिक्षक स्कूलों में कार्यभार भी संभाल चुके हैं।
इन विषयों के लिए होगी भर्ती
सरकार जिन विषयों में भर्ती कर रही है, उनमें संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत, ड्राइंग, विज्ञान, वाणिज्य (कॉमर्स), अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, हिंदी, भूगोल, समाजशास्त्र
मनोविज्ञान, कंप्यूटर साइंस, फाइन आर्ट्स और लोक प्रशासन शामिल हैं।
CBSE स्कूल परियोजना पर बड़ा अपडेट
राज्य सरकार की सीबीएसई स्कूल पहल के तहत अब तक 158 सरकारी स्कूलों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 146 स्कूलों को CBSE संबद्धता भी प्राप्त हो गई है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक सरकारी स्कूलों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा
बैठक में डिजिटल शिक्षा योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जिसमें शिक्षा मंत्री ने बताया कि डॉ. वाई.एस. परमार डिजिटल स्टूडेंट योजना के तहत पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में 9,359 छात्रों को टैबलेट वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन पात्र छात्रों को अभी तक टैबलेट नहीं मिले हैं, उन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से जल्द लाभ दिया जाए।
524 स्कूलों में बदले जाएंगे कंप्यूटर
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों को सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) से जोड़ दिया है और 524 स्कूलों में नए कंप्यूटर लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा 777 स्कूलों में इंटरनेट और नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए BSNL ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
अन्य योजनाओं की समीक्षा
बैठक में शिक्षा विभाग की कई अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें लंबित भर्ती प्रक्रियाएं, स्कूलों के बुनियादी ढांचे का पुनर्स्थापन, पीएम पोषण (PM POSHAN) योजना का सोशल ऑडिट और एजुकेशन लोन, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की पहल शामिल हैं। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों में तेजी लाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि बड़े पैमाने पर शिक्षक भर्ती, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और CBSE स्कूलों की संख्या बढ़ाकर हिमाचल प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा। इससे छात्रों को बेहतर शिक्षण संसाधन मिलने के साथ-साथ शिक्षकों की कमी की समस्या भी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है।
