हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता स्थित जयोरा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। छात्रों और उनके परिवारों ने आरोप लगाया है कि मार्च 2025 में हुई ड्रॉइंग परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की गई।

क्या है पूरा मामला?

परिजनों के अनुसार, झंडूता परीक्षा केंद्र पर आयोजित परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को तुरंत बोर्ड को भेजने के बजाय कुछ समय तक स्कूल में ही रखा गया। नियमों के अनुसार ऐसा करना परीक्षा प्रक्रिया का उल्लंघन माना जाता है। जब परिणाम घोषित हुए, तो कई छात्रों को ड्रॉइंग विषय में बेहद कम अंक मिले, जिससे अभिभावकों और छात्रों को शक हुआ कि कॉपियों में गड़बड़ी हुई है।

फोरेंसिक जांच में क्या सामने आया?

छात्रों और अभिभावकों द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद मामले की जांच कराई गई। आरोप है कि फोरेंसिक रिपोर्ट में उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ और उत्तरों में बदलाव के स्पष्ट सबूत मिले हैं। इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

नियमों का उल्लंघन का आरोप

परिजनों का यह भी कहना है कि जिस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा आयोजित हुई, उसी को कलेक्शन सेंटर भी बना दिया गया था। यह बोर्ड के नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है, क्योंकि इससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

एक साल बाद भी कार्रवाई नहीं

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद एक साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है और परिजनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठी जांच की मांग

बिलासपुर के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों और अभिभावकों ने राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव से पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की भी मांग की है।