हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की सेकेंडरी (कक्षा 10वीं) गणित परीक्षा के दौरान पेपर लीक का मामला सामने आया है। यह लीक चरखी दादरी जिले के रणीला-02 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा पाया गया है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, गणित का प्रश्नपत्र परीक्षा के दौरान ही HBSE चेयरमैन के आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर पर दोपहर 1:56 बजे प्राप्त हुआ। इसके बाद तुरंत जांच शुरू की गई।
सुरक्षा फीचर्स से हुआ खुलासा
बोर्ड ने बताया कि प्रश्नपत्र पर छपे अल्फान्यूमेरिक कोड और QR मार्किंग की मदद से लीक के स्रोत का पता लगाया गया। जांच में पेपर लीक की पुष्टि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रणीला-02, चरखी दादरी से हुई।
FIR दर्ज, विभागीय कार्रवाई शुरू
चरखी दादरी के डिप्टी कमिश्नर ने पुष्टि की कि रणीला केंद्र पर कथित रूप से शामिल अभ्यर्थियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ मामले को शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दोषी पाए जाने वाले सभी कर्मचारियों को निलंबित किया जाएगा। इस मामले पर बोर्ड अधिकारी ने कहा, “अनियमितताओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
राज्यभर में 10 नकल के मामले दर्ज
एचबीएसई के अनुसार, गणित परीक्षा के दौरान पूरे राज्य में कुल 10 अनुचित साधन के मामले सामने आए, जिसमें करनाल से 1, पलवल में 1, नूंह में 1, रोहतक में 2, सोनीपत में 2 और चरखी दादरी में 3 मामले शामिल हैं।
इस साल कितने छात्रों ने दी परीक्षा?
हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा इस साल 1,372 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई है, जिसमें 2,89,003 परीक्षार्थी शामिल हुए हैं। इसके अलावा 980 छात्र-शिक्षकों ने DElEd प्रथम वर्ष री-अपीयर परीक्षा दी है।
फ्लाइंग स्क्वॉड की कार्रवाई
HBSE द्वारा गठित फ्लाइंग स्क्वॉड ने सोनीपत, रोहतक और गुरुग्राम के केंद्रों का निरीक्षण किया, जिसमें अधिकांश केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण पाई गई।
अलग कार्रवाई में, नारनौल में एक पर्यवेक्षक को अपने ही स्कूल में ड्यूटी लगाने पर हटाया गया और सोनीपत में एक अन्य पर्यवेक्षक को लापरवाही के आरोप में ड्यूटी से मुक्त किया गया है।
आगे की परीक्षाएं 27 फरवरी को
हरियाणा बोर्ड ने दोहराया कि नकल और पेपर लीक के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति लागू रहेगी। इसमें 27 फरवरी को सीनियर सेकेंडरी पॉलिटिकल साइंस और DElEd री-अपीयर की परीक्षाएं 1,158 से अधिक केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी।
