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सरकारी स्कूल में एडमिशन लेने पर सरकार दे रही 15,000 रुपए, 2 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने छोड़ा प्राइवेट स्कूल

तमिलनाडु-नेदु के हिस्से के रूप में, राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के प्रयास में 45,000 से अधिक स्कूलों का नवीनीकरण कर रही है।

private schools, private schools fees, free cash schem for students, Jagananna Ammavodi, Nadu-Neduपरियोजना के पहले चरण में 15,715 स्कूलों को लिया गया था और जनवरी 2021 तक यहां काम पूरा होने की उम्मीद है।

सार्वजनिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई योजनाओं से प्रेरित होकर, 2020 में सरकारी स्कूलों में शामिल होने के लिए 2 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने आंध्र प्रदेश में निजी स्कूलों को छोड़ दिया है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “इस साल कुल 42.46 लाख स्टूडेंट्स ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में अपना नामांकन कराया है, जो 2019 के नामांकन के आंकड़े से 2.68 लाख अधिक है, जो 39.78 लाख था।” बढ़े हुए प्रवेशों में से, 2,01,833 स्टूडेंट्स सार्वजनिक स्कूलों में पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों को छोड़कर आए हैं।

“प्रवृत्ति को उलटने में सरकार की सफलता का श्रेय छात्र-छात्राओं की एक बहुतायत को दिया जा सकता है। 2019 से अभिभावक उन्मुख योजनाएं लागू हुईं। एक अधिकारी ने कहा, जगन्नाला अम्मावोडी, नाडु-नेदु और जगन्ना विद्या कनुका ने सरकारी स्कूलों को अपने कॉरपोरेट समकक्षों के साथ लाने के लिए सरकार के अभियान का आधार बनाया। इन योजनाओं के हिस्से के रूप में, राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे को अच्छा कर रही है, मुफ्त स्कूल किट और अन्य सामान दे रही है।

जगन्ना अम्मवोडी योजना के तहत कक्षा 1 – 12 तक के स्टूडेंट्स की माताओं को 15000 रुपए दे रही है। ताकि वह बच्चों से काम कराने के लिए उनकी पढ़ाई न छुड़वाएं। यह केवल उन्हीं माताओं को दिया जा रहा है जो इसकी पात्र हैं। तमिलनाडु-नेदु के हिस्से के रूप में, राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के छात्रों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के प्रयास में 45,000 से अधिक स्कूलों का नवीनीकरण कर रही है।

अधिकारी ने कहा “प्रमुख बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण के अलावा, प्रत्येक विद्यालय में आधुनिक शिक्षा की सुविधा के लिए एक समर्पित अंग्रेजी लेब  भी होगी। परियोजना के पहले चरण में 15,715 स्कूलों को लिया गया था और जनवरी 2021 तक यहां काम पूरा होने की उम्मीद है।” जगन्नाथ विद्या कनुका स्टूडेंट्स को मुफ्त में बुनियादी जरूरतें जैसे कि स्कूल बैग, यूनिफॉर्म, किताबें, मोजे, बेल्ट और अन्य सामान प्रदान करता है।

अधिकारी ने कहा, “इससे न केवल वित्तीय उथल-पुथल कम होती है, जो गरीब परिवारों को प्रत्येक शैक्षणिक साल की शुरुआत में होती है, बल्कि सरकारी नियंत्रण दर को कम करने में भी मदद करती है।” मुख्यमंत्री वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी पहले ही कह चुके हैं कि बच्चे राज्य का भविष्य हैं और वे अपनी शिक्षा में निवेश करेंगे।

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