ताज़ा खबर
 

Gandhi Jayanti: ‘तुम वो सरदार नहीं हो जिसे मैं किसी युग में जानता था’, आखिरी समय में सरदार पटेल से इस बात को लेकर नाराज़ थे बापू

Gandhi Jayanti: आज़ादी के बाद जनवरी 1948 को गांधी जी देश के बंटवारे को लेकर अपनी कुछ मांगों के साथ अनशन पर बैठ गए। गांधी जी चाहते थे कि जिन शरणार्थियों ने मुस्लिम घरों पर कब्जा कर लिया है, वे उन घरों को खाली करके उनके मुसलमान मालिकों को लौटा दें और फिर से शरणार्थी-कैंपों में वापस लौट जाएं।

Author Updated: October 2, 2019 10:28 AM
यूं तो सरदार पटेल को आज़ाद भारत को एकजुट करने के उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए याद किया जाता है, मगर आज़ादी के बाद एक वक्‍त ऐसा भी आया, जब गांधी जी अनशन पर थे और सरदार पटेल उनकी मांगों के खिलाफ़ थे।

Gandhi Jayanti 2019: स्‍वतंत्रता संग्राम में साथ मिलकर अंग्रेजों से लोहा लेने वाले युग पुरुष सरदार वल्‍लभभाई पटेल से गांधी जी एक समय बेहद खिन्‍न हो गए थे। यूं तो सरदार पटेल को आज़ाद भारत को एकजुट करने के उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए याद किया जाता है, मगर आज़ादी के बाद एक वक्‍त ऐसा भी आया, जब गांधी जी अनशन पर थे और सरदार पटेल उनकी मांगों के खिलाफ़ थे।

लैरी कोलिंस और डोमिनिक लैपरे की किताब फ्रीडम एट मिडनाइट (Freedom at Midnight) में यह जानकारी मिलती है कि आज़ादी के बाद जनवरी 1948 को गांधी जी देश के बंटवारे को लेकर अपनी कुछ मांगों के साथ अनशन पर बैठ गए। गांधी जी चाहते थे कि जिन शरणार्थियों ने मुस्लिम घरों पर कब्जा कर लिया है, वे उन घरों को खाली करके उनके मुसलमान मालिकों को लौटा दें और फिर से शरणार्थी-कैंपों में वापस लौट जाएं, और दूसरा ये कि सरकार पाकिस्‍तान को दी जाने वाली 55 करोड़ की आर्थिक मदद पर लगी रोक को हटा ले।


गांधी जी की इन मांगों से कांग्रेस के मंत्रियों, खासतौर पर सरदार पटेल को बहुत आघात पहुंचा। नेहरु समेत सरदार पटेल भी आर्थिक मदद रोक लेने के पक्ष में थे मगर गांधी जी बंटवारे के बाद भी देश को अखण्‍ड मानते थे और मानवता के नाते पाकिस्‍तान को मदद देने के पक्ष में थे। 13 जनवरी की सुबह जब बापू अनशन पर बैठे तो उनका स्‍वास्‍थ्‍य ठीक नहीं था। वे कमज़ोरी के चलते चक्‍कर महसूस कर रहे थे। वे अपनी चटाई पर लेटे हुए चुपचाप अपनी छत को देख रहे थे जब सरदार पटेल उनसे मिले आए।

कमज़ोर हालत में गांधी जी अपनी कोहनियों के बल पर कुछ ऊपर उठे । इतने लंबे समय तक संघर्षों में अपना साथ देने वाले सरदार पटेल को सामने देखकर बापू कुछ भावुक भी हो गए। उन्‍होनें क्षीण स्‍वर में कहा, ‘तुम वो सरदार नहीं हो जिसे मैं किसी युग में जानता था’। ये कहकर वे फिर से चटाई पर लेट गए।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 RRB NTPC Admit Card 2019: आरआरबी एनटीपीसी का एडमिट कार्ड जल्द, कहां से आएंगे कितने नंबर के सवाल
2 Bank Jobs 2019: सरकारी बैंक में करनी है सरकारी नौकरी, यहां जानिए कहां कर सकते हैं अप्लाई
3 Gandhi Jayanti: बापू की 150वीं जयंती पर लखनऊ विश्‍वविद्यालय में बनने जा रहा है ये विश्‍व रिकार्ड
IPL 2020 LIVE
X