देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया है। करीब 22.05 लाख उम्मीदवारों द्वारा 3 मई 2026 को दी गई परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को निरस्त करने का फैसला लिया। यह फैसला इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पहली बार नीट यूजी जैसी राष्ट्रीय परीक्षा को पूरी तरह कैंसिल किया गया है।
पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं लेकिन अब तक कभी पूरे एग्जाम को रद्द नहीं किया गया था। इस बार ‘गेस पेपर’ और प्रश्नों के कथित लीक को लेकर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद एनटीए ने परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया है।
NEET UG 2026 क्यों रद्द किया गया?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, 7 मई को एजेंसी को नीट यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक से जुड़ी जानकारी मिली। बताया गया कि प्रश्नों से जुड़ी एक पीडीएफ फाइल सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में वायरल हो रही थी।
इसके बाद 8 मई को मामला जांच एजेंसियों को सौंपा गया। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश हुई कि क्या यह दस्तावेज परीक्षा से पहले ही उम्मीदवारों तक पहुंच चुका था।
इसी बीच राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दावा किया कि उसे 410 सवालों वाला एक “गेस पेपर” मिला, जिसमें से करीब 120 प्रश्न असली परीक्षा में पूछे गए थे। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
मंगलवार को NTA ने आधिकारिक रूप से कहा कि केंद्रीय एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली पर छात्रों का भरोसा बनाए रखना सबसे जरूरी है।
दोबारा होगी परीक्षा, फीस और रजिस्ट्रेशन नहीं लगेगा
एनटीए ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2026 दोबारा आयोजित की जाएगी। इसके लिए उम्मीदवारों को नया आवेदन करने या दोबारा परीक्षा शुल्क जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
एजेंसी ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे। NTA के अनुसार, परीक्षा को जारी रखना छात्रों के भरोसे को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता था।
क्या पहले भी लगे थे पेपर लीक के आरोप?
NEET परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप हर साल सामने आते रहे हैं। हालांकि, 2024 का मामला सबसे ज्यादा चर्चित रहा था। उस समय झारखंड और बिहार में पेपर लीक की बात सामने आई थी। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ था कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले हल किए गए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए थे। झारखंड के एक परीक्षा केंद्र समन्वयक की संलिप्तता भी सामने आई थी।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां परीक्षा रद्द करने और दोबारा कराने की मांग उठी। हालांकि, कोर्ट ने कहा था कि उपलब्ध रिकॉर्ड से यह साबित नहीं होता कि पूरे सिस्टम में बड़े स्तर पर पेपर लीक हुआ था। इसलिए परीक्षा रद्द नहीं की गई। उस समय शिक्षा मंत्रालय ने भी कहा था कि कुछ अलग-थलग घटनाओं के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित नहीं किया जा सकता।
2024 में क्या हुआ था?
नीट यूजी 2024 के परिणाम जून में घोषित किए गए थे और बाद में 1563 छात्रों को दिए गए “ग्रेस मार्क्स” विवाद में आ गए। इसके बाद उन छात्रों के लिए री-टेस्ट कराया गया और जुलाई में संशोधित रिजल्ट जारी किए गए। उसी वर्ष यूजीसी नेट परीक्षा भी परीक्षा के अगले ही दिन रद्द कर दी गई थी।
आखिरी बार कब रद्द हुई थी मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा?
इससे पहले 2015 में ऑल इंडिया प्री-मेडिकल/प्री-डेंटल टेस्ट (AIPMT) को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रद्द किया गया था। तब आरोप लगा था कि कुछ उम्मीदवारों ने ब्लूटूथ डिवाइस और माइक्रो सिम के जरिए परीक्षा के दौरान उत्तर हासिल किए थे। हरियाणा के रोहतक में पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि दर्जनों छात्रों को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया गया।
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द कर चार हफ्तों के भीतर दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया था। बाद में 2016 से नीट ने एआईपीएमटी की जगह ले ली।
2024 विवाद के बाद क्या बदलाव किए गए थे?
2024 के विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति बनाई थी। समिति ने सार्वजनिक परीक्षाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए थे।
इनमें परीक्षा केंद्रों को जिला प्रशासन और पुलिस की निगरानी में सील करना, GPS युक्त वाहनों में प्रश्नपत्र पहुंचाना, CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और केंद्रीकृत मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं।
NTA ने इस वर्ष कई सुरक्षा उपाय लागू भी किए थे। परीक्षा सामग्री पुलिस सुरक्षा में पहुंचाई गई और कई केंद्रों पर मॉक ड्रिल भी कराई गई थी। इसके बावजूद पेपर लीक के आरोप सामने आने से एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब आगे क्या होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा कब आयोजित होगी। लाखों छात्र नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि NTA और शिक्षा मंत्रालय इस बार परीक्षा प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त बना सकते हैं। साथ ही, कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने पर भी चर्चा तेज हो सकती है।
