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एक परीक्षा से पता चलेगा बच्चा भविष्य में क्या करेगा

एनसीईआरटी के एक अधिकारी के मुताबिक इस टेस्ट को बहुत कठिन प्रक्रिया से तैयार किया गया है। इसके लिए देश के 11 विभिन्न भागों के 5491 विद्यार्थियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह टेस्ट विकसित किया गया है।

crime, crime newsप्रतीकात्मक तस्वीर।

सुशील राघव

हर अभिभावक अपने बच्चे के भविष्य के लिए चिंतित रहता है। उसे सबसे बड़ी चिंता इस बात की होती है कि उनका बच्चा किस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं होती है। अभिभावकों की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने मिलकर एक टेस्ट तैयार किया है। इसके आधार पर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि भविष्य में बच्चा किस क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इस टेस्ट का नाम ‘ट्राय एंड मेजर एप्टीट्यूड एंड नेचुरल एबिलीटिज (तमन्ना)’ दिया गया है। यह टेस्ट कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है।

एनसीईआरटी के एक अधिकारी के मुताबिक इस टेस्ट को बहुत कठिन प्रक्रिया से तैयार किया गया है। इसके लिए देश के 11 विभिन्न भागों के 5491 विद्यार्थियों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह टेस्ट विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस टेस्ट के अंतर्गत हर विद्यार्थी को एक पेपर दिया जाएगा जिसमें उसे सात भागों के उत्तर देने होंगे। इसमें भाषा कौशल, कल्पना तर्क, मौखिक तर्क, यांत्रिक तर्क, संख्यात्मक तर्क, स्थानिक तर्क और अवधारणात्मक तर्क शामिल हैं। 70 मिनट की इस परीक्षा में बहुवैकल्पिक 210 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा में कोई ऋणात्मक मार्किंग नहीं होगी।

इस तरह तय होगा क्या करेगा विद्यार्थी

भाषा कौशल (एलए)
इसके तहत विद्यार्थी के भाषा कौशल का पता किया जाएगा। वह लिखने में कैसा है। इस टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी शिक्षण, पत्रकारिता, विज्ञापन, कानून, पुस्तकालय विज्ञान, बिजनेस डेवलपमेंट आदि क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

कल्पना तर्क (एआर)
इस टेस्ट के अंतर्गत पता किया जाएगा कि विद्यार्थी ज्यामितीय आकारों को कितनी अच्छी तरह से समझता है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी गणित, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, आर्किटेक्चर, अर्थशास्त्र आदि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

मौखिक तर्क (वीआर)
इसमें विद्यार्थी की बोलने की क्षमता का पता किया जाएगा। टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे स्पीच थैरेपिस्ट, भाषाविद, शिक्षा, जन संपर्क, विपणन के क्षेत्र में आगे बढ़ सकता हैं।

यांत्रिक तर्क (एमआर)
इस टेस्ट के दौरान परखा जाएगा कि विद्यार्थी समस्याओं के समाधान में यांत्रिक संकल्पनाओं और सिद्धांतों का कैसे उपयोग करता है। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी इंजीनियरिंग, आॅटोमोबाइल, कारपेंटरी, मशीन आॅपरेटर, भौतिक, रसायन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

संख्यात्मक तर्क (एनए)
इसके तहत बच्चे की संख्याओं को समझने और उनके आधार पर समस्याओं के हल करने की क्षमता का पता किया जाएगा। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, समुद्रीविज्ञान, भूविज्ञान, बायोसाइंस, स्वास्थ्य विज्ञान, सांख्यिकी, प्रकृति विज्ञान आदि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

स्थानिक तर्क (एसए)
इस टेस्ट के अंतर्गत विद्यार्थी की उस क्षमता को जांचा जाएगा जिसमें वह बात सके कि एक आकृति दूसरी स्थितियों में कैसी दिखेगी। इसमें अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी निर्माण उद्योग, डिजाइनिंग (फैशन, पार्क, खिलौने, आभूषण, भवन आदि), आर्किटेक्चर, एनिमेशन, मल्टीमीडिया आर्ट आदि क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

अवधारणात्मक तर्क (पीए)
इसके जरिए विद्यार्थी की तुलना करने की क्षमता को परखा जाएगा। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी बैंक-गणक, अकाउंटेंट, कंप्यूटर प्रोग्रामर, पुलिस डिटेक्टिव, डाटा एंट्री, रिकॉर्ड रखना आदिक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

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