दिल्ली यूनिवर्सिटी में चल रही यूजी एडमिशन प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो गया है। डीयू की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के तहत यूजी कोर्सेस में एडमिशन के पहले राउंड में कुल 63,756 छात्रों को एडमिशन मिला है।
15 हजार से अधिक स्टूडेंट ने ‘फ्रीज’ ऑप्शन चुना
डीयू प्रशासन की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, एडमिशन पाने वाले 15,265 अभ्यर्थियों ने आवंटित सीट को ‘फ्रीज’ करने का विकल्प चुना है, जबकि 48,153 ने अगले चरण में अपनी पसंद के बेहतर पाठ्यक्रम या महाविद्यालय पर विचार किए जाने के लिए ‘अपग्रेड’ का विकल्प चुना है।
पुराने आंकड़ों की तुलना में हुई बढ़ोतरी
बता दें कि डीयू ने 21 जुलाई को जो आंकड़े जारी किए थे उसकी तुलना में यह आंकड़े बढ़ोतरी को दर्शाते हैं। उस समय विश्वविद्यालय ने बताया था कि पहले चरण में शुल्क भुगतान की समय-सीमा से पहले जरूरी फीस जमा करके 61,932 अभ्यर्थियों ने अपने प्रवेश की पुष्टि कर दी थी। इससे पहले 81,900 से अधिक अभ्यर्थियों ने पहले चरण में उन्हें आवंटित स्नातक पाठ्यक्रम की सीट स्वीकार कर ली थीं, जो प्रवेश प्रक्रिया में उनकी उत्साहजनक भागीदारी को प्रतिबिंबित करता है।
71,000 सीटों पर होगा एडमिशन
पिछले हफ्ते जारी की गई पहली आवंटन सूची में 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए 67 महाविद्यालयों के 221 पाठ्यक्रमों में 71,000 से अधिक स्नातक सीटों के लिए 93,033 अभ्यर्थियों को पेशकश की गई थीं। यह आवंटन उन 2.08 लाख से अधिक अभ्यर्थियों में से किया गया, जिन्होंने अपने कार्यक्रम और महाविद्यालय की प्राथमिकताओं के साथ प्रवेश प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा किया था।
25 जुलाई को आएगी दूसरी लिस्ट
जिन अभ्यर्थियों ने ‘अपग्रेड’ का विकल्प चुना है, उनकी उम्मीदवारी पर अगले चरण में उच्च प्राथमिकता वाले विकल्पों के लिए विचार किया जाएगा, जबकि जिन उम्मीदवारों ने अपनी सीटें ‘फ्रीज’ की हैं, वे मौजूदा सीट पर ही पढ़ाई करेंगे। डीयू 25 जुलाई को दूसरी आवंटन सूची जारी करेगा, जबकि नया शैक्षणिक सत्र 28 जुलाई से शुरू होगा।
भाषा इनपुट के साथ
