DU Direct PhD Admission 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUP) पूरा करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने FYUP करने वाले योग्य छात्रों को मास्टर डिग्री किए बिना सीधे पीएचडी में प्रवेश लेने का रास्ता खोल दिया है। हालांकि, यह सुविधा फिलहाल शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विशेष उपाय के तौर पर लागू की गई है।
डीयू की ओर से 21 अगस्त 2026 को जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, FYUP पूरा करने वाले छात्रों को सीधे पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए कम से कम 7.5 सीजीपीए हासिल करना होगा। एससी/एसटी छात्रों के लिए न्यूनतम 7 सीजीपीए की शर्त रखी गई है।
DU Direct PhD Admission: मास्टर डिग्री की जरूरत नहीं
दिल्ली विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किए गए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के पहले बैच को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। 2026 में FYUP पूरा करने वाले पात्र छात्रों को अब मास्टर डिग्री किए बिना सीधे PhD कार्यक्रम के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 2026-27 सत्र में FYUP पूरा करने वाले और निर्धारित CGPA हासिल करने वाले छात्रों को सीधे PhD में प्रवेश दिया जाएगा। यह व्यवस्था विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार विशेष उपाय के रूप में की गई है।
DU ने क्यों लिया यह फैसला?
दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि FYUP के पहले बैच के छात्रों के हित को देखते हुए यह विशेष व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय ने अपने अकादमिक ढांचे में FYUP के बाद पीएचडी के लिए सीधे आवेदन का रास्ता तैयार किया है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने अपने पीएचडी ऑर्डिनेंस में बदलाव किया है। संशोधन के बाद FYUP पूरा करने वाले पात्र छात्र सीधे डॉक्टोरल कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय ने यह भी कहा है कि FYUP पूरा करने वाले छात्रों के लिए मास्टर डिग्री करना आवश्यक चरण नहीं है और उनके लिए विश्वविद्यालय ने आगे की अकादमिक प्रगति का रास्ता तैयार किया है।
2026 में FYUP पूरा करने वालों के लिए खास मौका
यह निर्णय खास तौर पर FYUP के पहले बैच के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय ने 2026-27 सत्र में FYUP पूरा करने वाले उन छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश देने का निर्णय लिया है, जिन्होंने निर्धारित CGPA हासिल किया है।
कितने छात्रों ने चौथा साल चुना?
दिल्ली विश्वविद्यालय ने बताया कि 2022-23 में FYUP में कुल 75,498 छात्रों ने प्रवेश लिया था। इनमें से 40,005 छात्र तीसरे वर्ष के अंत में 2025 में बाहर हो गए, जबकि 35,493 छात्रों ने चौथा वर्ष जारी रखा। इसमें स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) के छात्र भी शामिल हैं।
चौथे साल के छात्रों में पीजी के लिए इतनी दिलचस्पी
डीयू ने प्रेस रिलीज में बताया कि 2026-27 के लिए चौथे वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों में से 12,111 छात्रों ने विश्वविद्यालय के वन ईयर पीजी प्रोग्राम के लिए आवेदन किया। यह संख्या चौथे वर्ष जारी रखने वाले 35,493 छात्रों की तुलना में 34.27 प्रतिशत है।
डीयू में भी वन ईयर पीजी प्रोग्राम
दिल्ली विश्वविद्यालय ने यह भी बताया कि उसने पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम रूपरेखा 2025 (PGCF) के तहत 46 कार्यक्रमों में एक साल का पीजी प्रोग्राम की पेशकश की है। इनमें कुल 5,857 सीटें हैं। विश्वविद्यालय के मुताबिक यह संख्या किसी अन्य विश्वविद्यालय की तुलना में अधिक है। इन सीटों में 2,807 रेगुलर मोड और 3,035 ODL मोड की सीटें बताई गई हैं।
सीधे PhD का रास्ता क्यों अहम?
चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के बाद सीधे पीएचडी में जाने का विकल्प छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की अवधि कम करने वाला कदम हो सकता है। योग्य छात्र मास्टर डिग्री के एक अलग चरण में गए बिना डॉक्टोरल रिसर्च की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
हालांकि, 7.5 CGPA हासिल करना सीधे पीएचडी में अंतिम प्रवेश की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। उम्मीदवारों को PhD प्रवेश के लिए विश्वविद्यालय के लागू नियमों और चयन प्रक्रिया का पालन करना होगा।
डीयू ने पीएचडी के लिए क्या बदला?
विश्वविद्यालय ने FYUP के छात्रों के लिए पीएचडी तक सीधे पहुंच बनाने के लिए अपने अध्यादेशों में संशोधन किया है। प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस बदलाव को एकेडमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल की मंजूरी भी मिली है।
7.5 CGPA वालों को सीधे PhD
विश्वविद्यालय के अनुसार, 2026 में FYUP पूरा करने वाले पहले बैच के छात्रों में से जिनके पास 7.5 CGPA या उससे अधिक है, उन्हें 2026-27 में सीधे PhD कार्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। SC/ST छात्रों के लिए यह सीमा 7 CGPA है।
इसलिए FYUP के पहले बैच के छात्रों के लिए यह घोषणा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्हें अब मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद PhD में जाने के बजाय विश्वविद्यालय के नियमों के तहत सीधे डॉक्टोरल प्रोग्राम के लिए आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
हालांकि, छात्रों को आवेदन से पहले संबंधित विषय में PhD की उपलब्ध सीटों, विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया और अन्य पात्रता शर्तों की आधिकारिक जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
