DU Admission: Less than 95% in economics, english and bcom honors admission difficult - डीयू : अर्थशास्त्र, अंग्रेजी और बीकॉम ऑनर्स में 95% से कम पर प्रवेश मुश्किल - Jansatta
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डीयू : अर्थशास्त्र, अंग्रेजी और बीकॉम ऑनर्स में 95% से कम पर प्रवेश मुश्किल

सीबीएसई के 12वीं कक्षा के परिणाम के बाद सभी की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में चल रही प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं।

Author नई दिल्ली, 27 मई। | May 28, 2018 10:13 AM

सीबीएसई के 12वीं कक्षा के परिणाम के बाद सभी की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में चल रही प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार 95 फीसद से अधिक अंक पाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है, इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि डीयू में विद्यार्थियों के पंसदीदा पाठ्यक्रम माने जाने वाले अंग्रेजी ऑनर्स, अर्थशास्त्र ऑनर्स और बीकॉम ऑनर्स में नामी कॉलेजों में 95 फीसद से कम पर दाखिला बहुत मुश्किल होगा। डीयू के दक्षिणी परिसर में मौजूद आत्मा राम सनातन धर्म (एआरएसडी) कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानतोष कुमार झा ने बताया कि अभी हम सभी परिस्थितियों का आकलन करेंगे, लेकिन जिस हिसाब से बारहवीं का परिणाम आया है। उससे इस बात का अंदेशा है कि कुछ पाठ्यक्रमों में कटऑफ बढ़ेगी, वहीं 95 फीसद से नीचे अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और बीकॉम ऑनर्स में प्रवेश बहुत मुश्किल होगा।

गौतरलब है कि डीयू के नामी कॉलेजों में पिछले साल इन तीनों पाठ्यक्रमों के लिए दाखिले की कटऑफ 95 फीसद से नीचे नहीं आई थी, जबकि परिसर से बाहर के कॉलेजों ने भी 90 फीसद तक ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश बंद कर दिए थे। इस साल 12,737 विद्यार्थियों ने 95 फीसद व इससे अधिक अंक हासिल किए और 72,599 विद्यार्थियों ने 90 फीसद व इससे अधिक अंक प्राप्त किए। जबकि पिछले साल 95 फीसद व उससे अधिक अंक पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 10091 थी और 90 फीसद व उससे ज्यादा अंक पाने वालों की संख्या 63247 थी। यानी 95 फीसद से अधिक अंक पाने वालों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 2646 और 90 फीसद अंक पाने वालों की संख्या 9352 बढ़ी है। सीबीएसई का कहना है कि इस बार विद्यार्थियों के जो अंक आए हैं, वे वास्तविक हैं। इस बार किसी तरह से अंक बढ़ाए नहीं गए हैं। कुछ विषयों में, जहां जरूरत थी, मॉडरेशन नीति को अपनाया गया।

परिणाम के बाद फॉर्म संपादित कर पाएंगे छात्र

डीयू में स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले वे विद्यार्थी जिन्होंने अपने फॉर्म में ‘रिजल्ट अवेटेड’ भरा था और शुल्क का भुगतान कर दिया था, वे छात्र परीक्षा परिणाम आने के बाद फॉर्म के अकादमिक भाग को संपादित कर सकते हैं। डीयू के छात्र कल्याण के डिप्टी डीन डॉ गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने बताया कि यह सुविधा सिर्फ उन विद्यार्थियों के लिए ही उपलब्ध है, जिन्होंने अभी तक फॉर्म में अपने परिणाम को नहीं भरा था। वे छात्र लॉगइन करके फॉर्म के अकादमिक भाग को संपादित कर सकते हैं।

सवा दो लाख तक पहुंचे पंजीकरण

डीयू स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए पंजीकरण करने वाले छात्रों का आंकड़ा रविवार तक सवा दो लाख के पास पहुंच गया, जबकि एक लाख से अधिक छात्रों ने फीस जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली। डीयू के स्नातक के योग्यता और प्रवेश परीक्षा आधारित पाठ्यक्रमों के लिए 7 जून तक पंजीकरण किया जा सकता है। दाखिले से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार रविवार शाम तक 221457 छात्रों ने पंजीकरण कराया। इसमें से 105805 छात्रों ने अपनी फीस जमा कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली।

डीयू अधिकारी के अनुसार योग्यता आधारित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सबसे अधिक 141371 पंजीकरण हुए हैं जबकि 57109 पंजीकरण प्रवेश परीक्षा आधारित पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए मिले हैं।

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