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परामर्श: इन पांच बातों पर निर्भर है आतिथ्य उद्योग में सफलता

एक बेहतर सेवा की शुरुआत करना और उसकी निरंतरता को बनाए रखना दो अलग-अलग बातें हैं। पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में उद्यमियों को अपने सेवाओं में लगातार बदलाव और नए प्रयोग करते रहना चाहिए। आज के दौर में अधिकतर पर्यटन और आतिथ्य उद्योग अपनी रचनात्मक योजनाओं की वजह से ही टिके हुए हैं।

Author October 11, 2018 3:41 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

पांच सालों के दौरान आतिथ्य उद्योग पूरी तरह से बदल गया है। यहां जितनी अधिक प्रतियोगिता है, उतने ही अवसरों की भरमार है। भारतीय पर्यटन और आतिथ्य उद्योग तेजी से बढ़ रहा है जिससे युवाओं को मौके मिल रहे हैं। देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक विविधता न केवल हर साल लाखों विदेशी पर्यटकों को देश की ओर खींचती है बल्कि यह युवाओं को उद्यमी बनने का भी अवसर उपलब्ध करा रही है। अगर आप भी इस क्षेत्र में उद्यमी (आंत्रप्रन्यॉर) बनने की सोच रहे हैं तो इन पांच बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

खर्च की क्षमता: पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के लिए अपने संभावित ग्राहकों की आर्थिक पृष्ठभूमि को जानना सबसे जरूरी है। इससे आप सही लोगों तक पहुंचेंगे और व्यापार को अच्छी तरह स्थापित कर पाएंगे। पर्यटन और आतिथ्य स्टार्ट-अप के विपणन से पहले उद्यमी को जानना चाहिए कि उसके ग्राहक कितना खर्च कर सकते हैं। इसी आधार पर सेवाओं की गुणवत्ता आदि तय होती है। अगर ऐसा नहीं किया जो स्टार्ट-अप शुरू होने से पहले ही बंद हो सकता है।

ग्राहक को समझाना: हर ग्राहक और उसकी जरूरतें एक जैसी नहीं होती हैं। इसीलिए सबसे पहले अपने ग्राहक को समझना बहुत जरूरी है। जैसे उसे क्या पसंद और नापसंद है, वह कहां जाना चाहता है, अब तक पर्यटन का उसका कैसा अनुभव रहा है आदि। उद्यमी यदि हर ग्राहक को उसके मुताबिक योजना बनाकर देगा तो उसका अनुभव अच्छा होगा और वह आगे भी सेवाएं लेना चाहेगा।

रचनात्मकता: एक बेहतर सेवा की शुरुआत करना और उसकी निरंतरता को बनाए रखना दो अलग-अलग बातें हैं। पर्यटन और आतिथ्य के क्षेत्र में उद्यमियों को अपने सेवाओं में लगातार बदलाव और नए प्रयोग करते रहना चाहिए। आज के दौर में अधिकतर पर्यटन और आतिथ्य उद्योग अपनी रचनात्मक योजनाओं की वजह से ही टिके हुए हैं।

खाना और सेवा: पर्यटन और आतिथ्य उद्योग पूरी तरह से खाने और सेवा के ऊपर टिके हुए हैं। भारत अपने खाने की वजह से पूरी दुनिया में जाना जाता है। स्टार्ट-अप शुरू करने वालों को सबसे अधिक खाने पर ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि अगर ग्राहक को उसकी पसंद का खाना नहीं मिला तो वह दोबारा आपके पास नहीं आएगा। वहीं, अच्छो खाने की हर जगह तारीफ करेगा और अन्य लोगों को आपके पास तक पहुंचाने में मदद करेगा। इसलिए इस मामले में कोई ढील नहीं चलेगी

डिजिटल होना: पांच सालों में होटल में कमरे को बुक करने से लेकर पर्यटन योजना बनाने तक में इंटरनेट का बहुत इस्तेमाल होने लगा है। ऐसे में अपने स्टार्ट-अप को बढ़ाने के लिए जरूरी है कि आप भी डिजिटल हो जाएं। अगर आपका स्टार्ट-अप इंटरनेट पर मौजूद नहीं है तो इस बात की अधिक आशंका है कि वह शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दे।
Ñआजकल लोग इंटरनेट पर लोगों के रिव्यू के आधार पर अपना निर्णय लेते हैं। ऐसे में इससे दूर रहने को कोई विकल्प ही नहीं है।

युवा शक्ति डेस्क

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