दिल्ली यूनिवर्सिटी में बकरीद के दिन होने वाले एग्जाम को लेकर बुधवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े छात्रों ने लॉ फैकल्टी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। फैकल्टी के बाहर शुरू हुए इस प्रदर्शन ने उस वक्त थोड़ा हिंसक रूप ले लिया जब छात्रों ने फैकल्टी के अंदर जाने की कोशिश की और सिक्योरिटी गार्ड्स ने प्रदर्शनकारियों को बाहर खदेड़ दिया। स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि इस दौरान छात्राओं से बदसलूकी भी की गई। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो भी सामने आए हैं।
छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी!
AISA के मुताबिक, स्टूडेंट्स यह मांग करने के लिए इकट्ठा हुए थे कि गजटेड हॉलिडे पर होने वाले एग्जाम टाल दिए जाएं। स्टूडेंट बॉडी ने दावा किया कि एग्जामिनेशन ब्रांच के बाहर सैकड़ों सिक्योरिटी गार्ड्स तैनात थे और उन्होंने प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को वहां से घसीटा। हालांकि DU प्रॉक्टर मनोज कुमार सिंह ने स्टूडेंट्स और सिक्योरिटी स्टाफ के बीच किसी भी तरह की हाथापाई के आरोपों से इनकार किया है।
उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को इसलिए रोका गया क्योंकि वे बिल्डिंग में घुसने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स को अंदर जाने से रोकने के लिए कहा गया था। इस बीच मनोज कुमार सिंह ने कहा कि एग्जाम टाले नहीं जाएंगे।
बता दें कि छात्रों का यह प्रदर्शन दिल्ली हाई कोर्ट में DU प्रशासन के उस बयान के बाद भी हुआ जिसमें कहा गया था कि मुस्लिम स्टूडेंट या कोई भी दूसरा स्टूडेंट जो ईद वाले दिन परीक्षा में नहीं बैठता है उसके लिए 4 जुलाई को दोबारा से परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। हालांकि इसके लिए फैकल्टी ऑफ लॉ के डीन को ईमेल करना होगा।
कहां से शुरू हुआ यह विवाद?
इसके जवाब में AISA की ओर से कहा गया है कि यह राहत सिर्फ लॉ फैकल्टी के स्टूडेंट्स को दी गई है, जबकि दूसरे डिपार्टमेंट्स के हजारों स्टूडेंट्स के ईद वाले दिन एग्जाम देने की उम्मीद थी। यह विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ था जब यूनिवर्सिटी ने एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया जिसमें कहा गया कि यूनिवर्सिटी के सभी ऑफिस, फैकल्टी, डिपार्टमेंट, कॉलेज और इंस्टिट्यूशन 28 मई को ईद के लिए बंद रहेंगे। हालांकि नोटिस में यह भी साफ किया गया था कि एग्जाम तय समय पर ही होंगे।
