लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड के बाद देशभर में नियमों को ताक पर रख कर चल रहे कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। राजधानी दिल्ली में भी रेखा गुप्ता सरकार ने 1000 कोचिंग संस्थानों को अल्टिमेटम जारी कर दिया है जो सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर रहे। मुख्यमंत्री ने ऐसे कोचिंग सेंटर्स को एक महीने का समय दिया है कि वह इस एक महीने में या तो अपने सुरक्षा मानकों को लागू करें और अगर वह ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सील कर दिया जाएगा।
कोचिंग चलाने के लिए सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा- सीएम
बता दें कि दिल्ली में कुल 924 रजिस्टर्ड कोचिंग सेंटर्स हैं। मुख्यमंत्री ने इन कोचिंग सेंटर्स को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अब दिल्ली में कोचिंग चलाने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करना ही होगा। एक वीडियो मैसेज में रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही एक मजबूत रेगुलेटरी कानून लाएगी जिससे कि सख्त निगरानी, अधिक जवाबदेही और स्टूडेंट की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
‘छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’
रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली के कोचिंग संस्थानों के पास एक महीने का समय है कि वह सभी सुरक्षा नियम लागू कर लें। दिल्ली में चल रहे सभी कोचिंग इंस्टीट्यूट्स चाहे वे 900 हों या 1000, संख्या मायने नहीं रखती, मायने रखती है वहां पढ़ने वाले बच्चों की जान, उनकी सुरक्षा और सिक्योरिटी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने कोचिंग सेंटर्स में किसी भी लापरवाही या सुरक्षा उपायों की कमी की रिपोर्ट ईमेल, मैसेज या फोन से सरकार के पास पहुंचाएं।
जल्द कानून लाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोचिंग में छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए हाईकोर्ट द्वारा गठित जस्टिस आर. के. गौबा कमेटी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। सभी कोचिंग सेंटर्स को उसे लागू करना होगा। उसे लेकर हम एक कानून भी लेकर आएंगे इसलिए दिल्ली में जितने भी कोचिंग संस्थान हैं उन्हें एक महीने का समय दिया जाता है कि वह फायर एनओसी लें, सुरक्षा उपकरण लगाएं और सेफ्टी को लेकर जितने भी तय मापदंड हैं उन्हें लागू करें।
लखनऊ हादसे के बाद जागी सरकार!
बता दें कि दिल्ली सरकार का यह कदम लखनऊ अग्निकांड के बाद आया है जहां एक कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद 15 स्टूडेंट्स की जान चली गई थी। इस घटना के बाद देशभर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच शुरू हो गई है। तमाम राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य में कोचिंग संस्थानों पर निगरानी रखे हुए हैं।
